पश्चिम बंगाल: काली पूजा और छठ के दौरान पटाखों के इस्तेमाल पर सरकार की नई पाबंदियां
कोलकाता, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल सरकार ने गुरुवार को काली पूजा और छठ पूजा के दौरान पटाखों के इस्तेमाल को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। सरकार ने कहा कि त्योहारों के उत्साह, पर्यावरण संरक्षण और लोगों की सुरक्षा के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
कोलकाता के राज्य सचिवालय नवान्न में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) सिद्ध नाथ गुप्ता और गृह सचिव संघमित्रा घोष ने इन नए नियमों की घोषणा की।
नई गाइडलाइन के अनुसार, काली पूजा और छठ पूजा के दौरान केवल पर्यावरण अनुकूल ग्रीन पटाखों के इस्तेमाल की अनुमति होगी।
सरकार ने तेज आवाज वाले पटाखों के लिए अधिकतम ध्वनि सीमा 125 डेसिबल और अन्य पटाखों के लिए 90 डेसिबल तय की है।
नियमों के मुताबिक काली पूजा के दिन रात 8 बजे से 10 बजे तक पटाखे जलाए जा सकेंगे। छठ पूजा के दौरान सुबह 6 बजे से 8 बजे तक पटाखे जलाने की अनुमति होगी।
सरकार ने बहुमंजिला इमारतों में रहने वाले लोगों को भी सलाह दी है कि पटाखे जलाते समय धुएं के स्तर पर नजर रखें।
इसके अलावा, आकाशदीप (पेपर लालटेन) उड़ाने के लिए फायर विभाग से लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है।
नई गाइडलाइन के तहत अस्पतालों और वृद्धाश्रमों के 100 मीटर के दायरे में पटाखे जलाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि पटाखों के बाजार आबादी वाले इलाकों से दूर लगाए जाएं और उन पर कड़ी निगरानी रखी जाए।
इसी बीच, कोलकाता पुलिस ने गुरुवार को बताया कि शहर में कार्रवाई के दौरान 110 किलोग्राम प्रतिबंधित पटाखे बरामद किए गए हैं और इस मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है।
डीजीपी सिद्ध नाथ गुप्ता ने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर भी उपलब्ध कराया है।
गृह सचिव संघमित्रा घोष ने लोगों से जिम्मेदारी के साथ त्योहार मनाने की अपील करते हुए कहा कि उत्सव के दौरान इस बात का ध्यान रखा जाए कि किसी अन्य व्यक्ति को असुविधा या खतरा न हो। उन्होंने नागरिकों से नई गाइडलाइन का सख्ती से पालन करने का आग्रह किया।
--आईएएनएस
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