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पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने 1 लाख सरकारी नौकरियों को मंजूरी दी, भर्ती प्रक्रिया अक्टूबर से शुरू

कोलकाता, 23 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने बुधवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान विभिन्न राज्य सरकारी विभागों में एक लाख कर्मचारियों की भर्ती को मंजूरी दे दी। नियुक्ति प्रक्रिया अक्टूबर से चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी और अगले वर्ष मार्च तक जारी रहेगी।
 

कोलकाता, 23 सितंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल मंत्रिमंडल ने बुधवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान विभिन्न राज्य सरकारी विभागों में एक लाख कर्मचारियों की भर्ती को मंजूरी दे दी। नियुक्ति प्रक्रिया अक्टूबर से चरणबद्ध तरीके से शुरू होगी और अगले वर्ष मार्च तक जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की अध्यक्षता में बुधवार दोपहर हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस संबंध में निर्णय लिया गया।

सूत्रों के अनुसार, भर्ती अभियान 54 राज्य सरकारी विभागों के माध्यम से चलाया जाएगा, जिसमें रिक्तियों और परिचालन आवश्यकताओं के आधार पर विभागवार नियुक्तियां 7,000 से 15,000 तक होंगी। राज्य सरकार चालू वित्त वर्ष के अंतिम पांच महीनों में भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की योजना बना रही है।

एक सरकारी सूत्र ने बताया कि अधिकांश नियुक्तियां राज्य पुलिस और राज्य स्कूल शिक्षा विभाग में होंगी।

सरकारी सूत्रों ने बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने बुधवार को फैसला किया कि राज्य सरकार के 54 विभागों के माध्यम से कुल एक लाख कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी। विभागवार भर्तियों की संख्या 7,000 से 15,000 तक हो सकती है। सरकार ने चालू वित्त वर्ष के अंतिम पांच महीनों में भर्ती की गति बढ़ाने की योजना बनाई है। भर्ती प्रक्रिया संबंधित विभागों में रिक्तियों और आवश्यकताओं के आधार पर आगे बढ़ेगी।

शिक्षा क्षेत्र में सबसे अधिक भर्तियां होने की उम्मीद है। विद्यालय शिक्षा विभाग में लगभग 34,000 पदों पर भर्ती की जाएगी, जिनमें प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के शिक्षण पदों के साथ-साथ गैर-शिक्षण समूह सी और समूह डी के कर्मचारी भी शामिल हैं।

पुलिस विभाग में दूसरी सबसे बड़ी भर्ती होगी, जिसके तहत कोलकाता पुलिस में 4,000 और पश्चिम बंगाल पुलिस में 12,000 कर्मियों की नियुक्ति की योजना है।

कैबिनेट ने डॉ. बीआर अंबेडकर के नाम पर एक नए विश्वविद्यालय की स्थापना को भी मंजूरी दी। प्रस्तावित संस्थान के लिए विधेयक आवश्यक विधायी मंजूरी प्राप्त होने के बाद राज्य विधानसभा में पेश किया जाएगा।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा पुरुलिया दौरे के दौरान आदिवासी विकास पर की गई हालिया घोषणाओं के मद्देनजर यह कदम महत्वपूर्ण है।

--आईएएनएस

एमएस/