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'बारिश का अलर्ट था, लेकिन इतना भयंकर तूफान की उम्मीद नहीं थी',: बरगी डैम हादसे पर जबलपुर कलेक्टर

जबलपुर, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बरगी बांध पर एक टूरिस्ट क्रूज के पलटने के बाद अब तक चार शव बरामद किए गए हैं, जबकि कई यात्री अभी भी लापता हैं और बचाव अभियान जारी है।
 
'बारिश का अलर्ट था, लेकिन इतना भयंकर तूफान की उम्मीद नहीं थी',: बरगी डैम हादसे पर जबलपुर कलेक्टर

जबलपुर, 30 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में बरगी बांध पर एक टूरिस्ट क्रूज के पलटने के बाद अब तक चार शव बरामद किए गए हैं, जबकि कई यात्री अभी भी लापता हैं और बचाव अभियान जारी है।

जबलपुर के कलेक्टर राघवेंद्र सिंह ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि अचानक मौसम बहुत ज्यादा खराब हो जाने की वजह से नाव डूब गई, जिसके चलते यह हादसा हुआ। इस घटना के बाद करीब 14-15 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। अब तक चार शव बरामद किए गए हैं और उन्हें पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।

उन्होंने बताया कि तुरंत चलाए गए बचाव कार्यों की मदद से कई लोगों की जान बचाई जा सकी। लापता लोगों की तलाश जारी है। कई एजेंसियों को तुरंत बचाव कार्य में लगा दिया गया था। उन्होंने आगे कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, स्थानीय पुलिस और अन्य आपदा प्रबंधन इकाइयों की टीमें घटनास्थल पर मौजूद हैं, और बचाव अभियान बिना किसी रुकावट के जारी हैं।

कलेक्टर ने इस बात पर जोर दिया कि एडमिनिस्ट्रेशन हालात पर करीब से नजर रख रहा है और लापता यात्रियों को जल्द से जल्द ढूंढने के लिए सभी जरूरी संसाधन लगा दिए हैं।

जिले में मौसम के हालात पर आईएएनएस के एक सवाल का जवाब देते हुए कलेक्टर ने कहा कि हालांकि बारिश का अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन तूफान की गंभीरता का अंदाजा नहीं था। उन्होंने आगे बताया कि रेस्क्यू टीमें डैम एरिया में पानी और आस-पास के एरिया को स्कैन करते हुए इंटेंसिव सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। मुश्किल हालात के बावजूद ऑपरेशन युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि मौसम की स्थिति खराब थी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया था। हालांकि, ऐसी कोई आशंका नहीं थी कि इतनी बड़ी घटना घट सकती है। इसे एक अप्रत्याशित घटना माना जा रहा है और इसकी जांच चल रही है। सुरक्षा प्रोटोकॉल सहित सभी पहलुओं की जांच की जाएगी।

इस बीच एक जीवित बचे व्यक्ति ने उस भयानक अनुभव को बयां करते हुए कहा कि हम सभी ठीक से बैठे थे, तभी अचानक तेज हवाएं चलने लगीं और ऊंची-ऊंची लहरें उठने लगीं। उन्होंने आगे बताया कि पास के गांव के लोगों ने क्रूज ऑपरेटर को किनारे हट जाने की चेतावनी दी थी, क्योंकि मौसम खराब हो गया था। लेकिन, इससे पहले कि कुछ किया जा पाता, पानी अंदर घुस गया और क्रूज पलट गया।

यह घटना गुरुवार शाम को खमारिया द्वीप के पास हुई, जब लगभग 31 यात्रियों को ले जा रहा क्रूज तेज हवाओं और ऊंची लहरों की चपेट में आने के बाद पलट गया। अधिकारियों ने बताया कि अब तक लगभग 15 लोगों को बचा लिया गया है, जबकि कई अन्य अभी भी लापता हैं।

शुरुआती रिपोर्टों से पता चलता है कि तेज हवा के झोंकों ने जहाज का संतुलन बिगाड़ दिया, जिससे पानी अंदर घुस गया और अंततः जहाज पलट गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि मौसम बहुत तेज़ी से खराब हुआ, जिससे बचाव के लिए कोई कदम उठाने का बहुत कम समय मिल पाया।

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक बयान में कहा कि वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में बचाव अभियान बिना किसी रुकावट के जारी है। उन्होंने कहा कि आज, बरगी बांध पर आए भीषण तूफ़ान के कारण हुई दुखद क्रूज़ दुर्घटना के संबंध में जबलपुर में स्थानीय प्रशासन और बचाव दलों द्वारा चलाया जा रहा अभियान बिना किसी रुकावट के जारी है।

उन्होंने आगे बताया कि त्वरित बचाव अभियानों के माध्यम से 15 नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है, और लापता लोगों का पता लगाने के प्रयास यथाशीघ्र किए जा रहे हैं। संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ प्रभावित परिवारों के साथ पूरी तरह से खड़ी है, और हर संभव सहायता सुनिश्चित की जा रही है।

--आईएएनएस

पीएसके