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बांग्लादेश में सात महीनों में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 1,660 से ज्यादा मामले दर्ज : मानवाधिकार संस्था

ढाका, 17 अगस्त (आईएएनएस)। बांग्लादेश की मीडिया ने सोमवार को एक संगठन के हवाले से रिपोर्ट दी कि इस साल जनवरी से जुलाई के बीच बांग्लादेश में 1,660 से ज्यादा महिलाओं और लड़कियों ने अलग-अलग तरह की हिंसा झेली।
 

ढाका, 17 अगस्त (आईएएनएस)। बांग्लादेश की मीडिया ने सोमवार को एक संगठन के हवाले से रिपोर्ट दी कि इस साल जनवरी से जुलाई के बीच बांग्लादेश में 1,660 से ज्यादा महिलाओं और लड़कियों ने अलग-अलग तरह की हिंसा झेली।

अधिकार संगठन के अनुसार, कम से कम 1,667 महिलाओं ने अलग-अलग अपराधों का सामना किया। इसमें 83 लड़कियों और 258 महिलाओं की हत्या और 292 महिलाओं के साथ दुष्कर्म शामिल हैं।

ये आंकड़े महिला अधिकार संगठन बांग्लादेश मोहिला परिषद ने रविवार दोपहर ढाका के राष्ट्रीय प्रेस क्लब के बाहर मानव श्रृंखला के दौरान जारी किए। इस विरोध प्रदर्शन का मकसद देशभर में लगातार हो रही हिंसा, बलात्कार, हत्या और बच्चों की हत्या के खिलाफ आवाज उठाना था।

कार्यक्रम में महिलाओं के खिलाफ बढ़ती हिंसा को लेकर लोगों ने गहरी चिंता जताई और कहा कि बांग्लादेश तेजी से बलात्कार और दुर्व्यवहार के लिए सुरक्षित पनाहगाह बनता जा रहा है।

सभा को संबोधित करते हुए महिला परिषद की अध्यक्ष फौजिया मुस्लिम ने कहा कि आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले सात महीनों में 83 लड़कियों और 258 महिलाओं की हत्या हुई, जबकि बलात्कार के बाद हत्या के 31 मामले भी सामने आए हैं।

बांग्लादेश के जाने-माने मीडिया आउटलेट यूएनबी के अनुसार, फौजिया ने चेतावनी दी कि ये आंकड़े शायद हिंसा की वास्तविकता को पूरी तरह से नहीं दिखाते।

उन्होंने कहा, "हमें जो जानकारी मिल रही है, वह ज्यादातर कुछ ही अखबारों की रिपोर्ट से इकट्ठा की गई है। ये रिपोर्ट सिर्फ 14 अखबारों के डेटा पर आधारित हैं, हालांकि, देश में कई दूसरे मीडिया आउटलेट हैं। अगर हमें सभी मीडिया से डेटा मिला होता, तो महिलाओं के खिलाफ हिंसा की असली तस्वीर कहीं ज्यादा डरावनी हो सकती थी।"

परिषद की अध्यक्ष ने देश में महिलाओं के जीने के अधिकार और सुरक्षा पर चिंता जताई। महिला परिषद की महासचिव मालेका बानो के अनुसार, जनवरी से जुलाई के बीच 1,667 महिलाओं और बच्चों को विभिन्न प्रकार की हिंसा का शिकार होना पड़ा। इनमें 292 महिलाओं और लड़कियों के साथ बलात्कार के मामले शामिल हैं।

यूएनबी ने बानो के हवाले से कहा, "इन घटनाओं से स्पष्ट हो गया है कि बांग्लादेश में महिलाएं और बच्चे आज कहीं भी पूरी तरह से सुरक्षित नहीं हैं। यह सिर्फ बलात्कार या यौन हिंसा नहीं है; महिलाएं और बच्चे भी हत्या, यातना और हिंसा के विभिन्न रूपों का शिकार हो रहे हैं। सबसे चिंता की बात यह है कि हम हिंसा की इस प्रवृत्ति को कम करने में विफल हो रहे हैं।"

उन्होंने कहा कि यहां तक ​​कि जो बच्चे अभी तक शारीरिक और मानसिक रूप से परिपक्व नहीं हुए हैं, जो अभी तक खुद को महिला के रूप में पहचानने की उम्र तक नहीं पहुंचे हैं, वे भी यौन हिंसा का शिकार हो रहे हैं।

उन्होंने एक व्यापक सामाजिक आंदोलन, कानूनों के सख्त क्रियान्वयन और लगातार हो रही हिंसा, बलात्कार, हत्या और बच्चों की हत्या को रोकने के लिए प्रभावी निगरानी की मांग की। उन्होंने आगे बांग्लादेशी अधिकारियों से आग्रह किया कि वे देश का शासन देशभक्ति, मानवता और जिम्मेदारी के साथ चलाएं, ताकि जिन मानवाधिकारों का उल्लंघन हुआ है, उन्हें बहाल किया जा सके।

--आईएएनएस

केके/एबीएम