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बलूच नेशनल मूवमेंट ने पाकिस्तानी सेना को दिखाया आईना, बेबुनियाद प्रोपेगेंडा चलाने का लगाया आरोप

क्वेटा, 7 जनवरी (आईएएनएस)। बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना और स्थानीय लोगों के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है। वहीं, बलूचिस्तान में सक्रिय मानवाधिकार संगठनों ने भी पाकिस्तानी सेना और सरकार पर पहले कई आरोप लगाए हैं।
 
बलूच नेशनल मूवमेंट ने पाकिस्तानी सेना को दिखाया आईना, बेबुनियाद प्रोपेगेंडा चलाने का लगाया आरोप

क्वेटा, 7 जनवरी (आईएएनएस)। बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना और स्थानीय लोगों के बीच तनाव का माहौल बना हुआ है। वहीं, बलूचिस्तान में सक्रिय मानवाधिकार संगठनों ने भी पाकिस्तानी सेना और सरकार पर पहले कई आरोप लगाए हैं।

इस बीच, बलूच नेशनल मूवमेंट (बीएनएम) ने पाकिस्तानी सेना की कड़ी निंदा की है और इसे अपने नेतृत्व के खिलाफ बेबुनियाद प्रोपेगेंडा कैंपेन बताया है।

बलूचिस्तान में मानवाधिकारों का गंभीर उल्लंघन हो रहा है। हालात को देखते हुए जनरलाइज्ड स्कीम ऑफ प्रेफरेंसेज प्लस (जीएसपी प्लस) के तहत बीएनएम ने अभियान शुरू किया।

मानवाधिकार संस्था ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना न सिर्फ बलूच लोगों के खिलाफ सरकारी ताकत का गैर-कानूनी इस्तेमाल कर रही है, बल्कि गलत जानकारी फैलाने के लिए मीडिया ट्रायल और तथाकथित पांचवीं पीढ़ी के युद्ध सिद्धांत का भी इस्तेमाल कर रही है।

बीएनएम ने कहा, "इस प्रोपेगेंडा का मकसद न सिर्फ बलूच आंदोलन के बारे में सोशल मीडिया पर नकारात्मक राय बनाना है, बल्कि देश के अंदर और बाहर शांति से काम करने वाले राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए गंभीर मुश्किलें भी खड़ी करना है। दुनिया अच्छी तरह जानती है कि पाकिस्तानी सेना के एजेंट अपने राजनीतिक विरोधियों के खिलाफ हत्या की कोशिश समेत गंभीर अपराधों में शामिल रहे हैं।"

पार्टी के अनुसार, बीएनएम नेता नसीम बलूच पर इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के डायरेक्टर जनरल मेजर जनरल अहमद शरीफ हथियारबंद गतिविधियों में शामिल होने का झूठा आरोप लगाते हैं। नसीम बलूच शांतिपूर्ण राजनीतिक तरीकों से बलूचों की आजादी की लड़ाई को बढ़ावा देते हैं।

मेजर जनरल अहमद शरीफ इंटर सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के डीजी हैं। आईएसपीआर पाकिस्तानी आर्म्ड फोर्सेज की ऑफिशियल मीडिया और पब्लिक रिलेशंस विंग है।

इसमें आगे कहा गया, "हम उनके खिलाफ इस झूठे और गलत इरादे वाले प्रोपेगेंडा को पूरी तरह से खारिज करते हैं। पाकिस्तान के जीएसएपी प्लस के खास अधिकार उसके लगातार मानवाधिकार के उल्लंघन के साथ नहीं रह सकते। बीएनएम ने इसे सामने लाने के लिए पूरे यूरोप में एक जोरदार कैंपेन चलाया।"

पार्टी ने कहा कि कैंपेन के जोर पकड़ने के बाद, पाकिस्तानी आर्मी और सरकारी संस्थाओं ने बीएनएम के खिलाफ अपना प्रोपेगेंडा तेज कर दिया। यूरोपीय संस्थाओं को अब यह साफ समझ लेनी चाहिए कि पाकिस्तान न सिर्फ शांति से काम करने वाले राजनीतिक कार्यकर्ताओं को शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाता है, बल्कि सिस्टमैटिक गलत जानकारी और झूठे प्रोपेगेंडा के जरिए उनकी इज्जत और जिंदगी को भी बर्बाद करना चाहता है। पाकिस्तान में पीड़ितों को अपराधी और दबे-कुचले लोगों को जुल्म करने वाला दिखाने की पुरानी आदत है। बलूच लोग ऐसी चालों से धोखा नहीं खाएंगे।"

बीएनएम ने कहा कि वह पाकिस्तान के ऐसे कदमों को साफ तौर पर परेशान करने की कार्रवाई मानती है। वह चुप नहीं बैठेगी और पाकिस्तान का हर स्तर पर सामना किया जाएगा।

--आईएएनएस

केके/एबीएम