धनतेरस पर स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें नागरिक, आयुष राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव की अपील
नई दिल्ली, 4 नवंबर (आईएएनएस)। केंद्रीय आयुष एवं स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने नागरिकों से धनतेरस के अवसर पर स्वास्थ्य और निवारक स्वास्थ्य देखभाल को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अच्छा स्वास्थ्य ही समृद्धि और खुशहाली का आधार है।
आयुष मंत्रालय की ओर से बुधवार को जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, मंत्री ने कहा कि धनतेरस का त्योहार परंपरागत रूप से सोना, चांदी और अन्य संपत्तियां खरीदने से जुड़ा है, लेकिन यह परिवारों के लिए बेहतर जीवनशैली अपनाने और भविष्य के स्वास्थ्य में निवेश करने का अवसर भी होना चाहिए। उन्होंने परिवारों से बीमारियों की रोकथाम को प्राथमिकता देने और अपने दीर्घकालिक स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए जागरूकता के साथ कदम उठाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि परिवारों को अपने स्वास्थ्य की सुरक्षा को उतनी ही अहमियत देनी चाहिए, जितनी वे भविष्य की आर्थिक समृद्धि को देते हैं।
जाधव ने कहा कि अक्सर बीमारी होने के बाद ही स्वास्थ्य देखभाल पर चर्चा शुरू होती है, जबकि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर बीमारियों को रोकने पर भी उतना ही जोर दिया जाना चाहिए। धनतेरस को भगवान धन्वंतरि की जयंती के रूप में भी मनाया जाता है। मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान भगवान धन्वंतरि अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे। उन्हें देवताओं का दिव्य वैद्य माना जाता है और उनका संबंध भारत की पारंपरिक चिकित्सा पद्धति आयुर्वेद से है।
आयुष मंत्रालय के बयान के अनुसार, मंत्री ने आयुर्वेद के सिद्धांत 'स्वस्थस्य स्वास्थ्य रक्षणम्' का उल्लेख करते हुए स्वस्थ व्यक्ति के स्वास्थ्य की रक्षा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गैर-संचारी रोगों, निष्क्रिय जीवनशैली और तनाव जैसी बढ़ती चुनौतियों से निपटने में यह सिद्धांत बेहद प्रासंगिक है। मंत्री ने कहा कि संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और तनाव प्रबंधन जैसी रोजमर्रा की आदतें संपूर्ण स्वास्थ्य बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
उन्होंने परिवारों को घर का बना पौष्टिक भोजन अपनाने, जंक फूड के अत्यधिक सेवन से बचने और नियमित शारीरिक गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल करने की सलाह दी। साथ ही, परिवार के बुजुर्ग सदस्यों की उचित देखभाल और उन पर ध्यान देने की भी अपील की।
जाधव ने नियमित योगाभ्यास और समय-समय पर स्वास्थ्य जांच को भी निवारक स्वास्थ्य देखभाल के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि आयुष्मान आरोग्य मंदिर जैसी पहलें सामुदायिक स्तर पर आयुष आधारित स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाने में मदद कर रही हैं।
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