अयोध्या राम मंदिर का निर्माण कार्य पूरा होने के करीब, ट्रस्ट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाने की संभावना
नई दिल्ली, 21 मार्च (आईएएनएस)। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की एक महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को अयोध्या में होने वाली है, जहां मंदिर संचालन और आगंतुकों की व्यवस्था से संबंधित कई महत्वपूर्ण निर्णयों को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है।
बैठक से पहले, राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने भव्य परियोजना की प्रगति के बारे में जानकारी साझा करते हुए बताया कि निर्माण कार्य अब अंतिम चरण में है। मंदिर परिसर पर कुल व्यय लगभग 1,800 करोड़ रुपए होने का अनुमान है, जो इस विकास की विशालता और महत्वाकांक्षा को दर्शाता है।
इसके साथ ही प्रमुख मुद्दों में से एक परिसर के भीतर स्थित सात सहायक मंदिरों में दर्शन की व्यवस्था से संबंधित है। इनमें परिक्रमा मार्ग पर स्थित सप्त ऋषि मंदिर भी शामिल हैं, जहां आगामी रामनवमी समारोह के बाद श्रद्धालुओं के लिए प्रवेश खोले जाने की उम्मीद है।
ट्रस्ट की ओर से भविष्य में धार्मिक समारोहों और कार्यक्रमों के आयोजन के तरीके पर भी निर्णय लिए जाने की उम्मीद है। सूत्रों के अनुसार, मंदिर परिसर में बड़े पैमाने के कार्यक्रम आयोजित नहीं किए जा सकते हैं और सरल एवं पारंपरिक अनुष्ठानों की ओर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है। आध्यात्मिक पवित्रता को ध्यान में रखते हुए, सातों मंदिरों में ध्वजारोहण समारोहों का आयोजन संयमित तरीके से किए जाने की संभावना है।
ये घटनाक्रम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा इस सप्ताह की शुरुआत में मंदिर का दौरा करने और वैदिक अनुष्ठानों में भाग लेने तथा चल रहे कार्यों की प्रगति की समीक्षा करने के कुछ ही समय बाद सामने आए हैं।
राष्ट्रपति मुर्मु ने गुरुवार को श्री राम जन्मभूमि मंदिर में 'श्री राम यंत्र' स्थापित किया और वैदिक मंत्रों के बीच प्रार्थना की, जो मंदिर के निर्माण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
परियोजना के पूर्ण होने के करीब होने और प्रमुख परिचालन संबंधित निर्णयों के लंबित होने के साथ, आज की ट्रस्ट बैठक से राम मंदिर के कामकाज और प्रबंधन के अगले चरण को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
एसएके/एएस
