अमेरिकी टैरिफ को 500 प्रतिशत तक बढ़ाने वाले प्रस्तावित बिल पर बोला वित्त मंत्रालय, मुद्दे को पूरी सावधानी से कर रहे हैं डील
नई दिल्ली, 9 जनवरी (आईएएनएस)। विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि वह रूस से एनर्जी जैसे तेल आयात करने वाले देशों पर टैरिफ को 500 प्रतिशत तक बढ़ाने वाले प्रस्तावित अमेरिकी बिल से अवगत है और इस मुद्दे पर 'पूरी सावधानी' से डील कर रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने साप्ताहिक ब्रीफिंग के दौरान कहा कि स्थिर ऊर्जा कीमतें और सुरक्षित आपूर्ति को सुनिश्चित करना देश की ऊर्जा नीति के दोहरे लक्ष्य रहे हैं और देश ने अपना ध्यान "रूस पर प्रतिबंध लगाने वाला अधिनियम 2025" नामक अमेरिकी विधेयक से जुड़े उभरते मुद्दों पर केंद्रित किया है।
जायसवाल ने एक सवाल के जवाब में कहा,"जिस प्रस्तावित अमेरिकी विधेयक की आप बात कर रहे हैं। हम उससे अवगत हैं। हमने इन मुद्दों और इस विधेयक पर बहुत सावधानीपूर्वक ध्यान केंद्रित किया है।"
उन्होंने कहा, "इसके साथ ही, मैं आपको बताना चाहूंगा कि ऊर्जा स्रोतों के मुद्दे पर, आप हमारी स्थिति और दृष्टिकोण से भलीभांति परिचित हैं। ऊर्जा स्रोतों के संबंध में, हमने कई बार अपना रुख स्पष्ट किया है।"
जायसवाल ने कहा कि भारत चाहे किसी भी क्षेत्र से तेल खरीदे, "हम एक व्यापक दृष्टिकोण अपनाते हैं।"
उन्होंने बताया, "यह दो अनिवार्यताओं पर आधारित है - एक तो उपलब्ध या विकसित हो रही वैश्विक परिस्थितियां और दूसरा, हमारी 1.4 अरब आबादी को सस्ती दरों पर ऊर्जा उपलब्ध कराने की अनिवार्यता।"
हाल ही में भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अस्थिर वैश्विक ऊर्जा बाजार के बीच तेल और गैस के लिए देश की आयात नीति पूरी तरह से भारतीय उपभोक्ताओं के हितों को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
विदेश मंत्रालय के एक पहले के बयान के अनुसार, “भारत तेल और गैस का एक महत्वपूर्ण आयातक है। अस्थिर ऊर्जा परिदृश्य में भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना हमारी निरंतर प्राथमिकता रही है। हमारी आयात नीतियां पूरी तरह से इसी उद्देश्य से निर्देशित होती हैं। स्थिर ऊर्जा मूल्य और सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करना हमारी ऊर्जा नीति के दोहरे लक्ष्य रहे हैं। इसमें ऊर्जा स्रोतों का व्यापक विस्तार करना और बाजार की स्थितियों के अनुरूप उपयुक्त रूप से विविधीकरण करना शामिल है।”
--आईएएनएस
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