पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड का मुख्य आरोपी गिरफ्तार
जयपुर, 16 अक्टूबर (आईएएनएस)। पूर्व विधायक अतर सिंह भड़ाना हत्याकांड के मुख्य आरोपी मुकेश 'फौजी' को पुलिस ने राजस्थान के भरतपुर जिले से गिरफ्तार कर लिया है। 11 अक्टूबर को हत्या के बाद से मुकेश फरार था, जिसके चलते पुलिस टीमों ने उसके परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों के घरों पर छापेमारी की।
गिरफ्तारी के बाद मुकेश फौजी को वेर पुलिस स्टेशन लाया गया, जहां देर रात पुलिस अधीक्षक (एसपी) राजेश मीणा ने उससे पूछताछ की। जांचकर्ता इस बात की जानकारी जुटा रहे हैं कि हत्या से पहले क्या-क्या घटनाएं हुईं, इसमें अन्य संदिग्धों की क्या भूमिका हो सकती है और यह घटना किन परिस्थितियों में हुई।
जब मुकेश फरार था, तब प्रशासन ने उसके घर को गिराने के संबंध में भी एक नोटिस जारी किया था। आगे की कार्रवाई लागू कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं के अनुसार की जाएगी। इस मामले में पांच अन्य आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
बताया जाता है कि मुकेश 'फौजी' पिछले दो वर्षों से एक खनन पट्टे (माइनिंग लीज) को बंद करने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहा था। भडाना की विधवा द्वारा दर्ज कराए गए मामलों में भी उसका नाम सामने आया है। पुलिस चल रही जांच के तहत उसकी कथित भूमिका की जांच कर रही है।
पुलिस हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर फैलाई गई उन भड़काऊ पोस्टों की भी जांच कर रही है, जिनका संबंध एक पट्टे वाले रास्ते से है। बताया जाता है कि इस घटना से पहले एक पोस्ट वायरल हो गई थी। जांच के अनुसार, 7 अक्टूबर को एक मामूली विवाद हुआ था।
घटना के दिन प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन स्थल से हटा दिया गया था। पुलिस को ऐसी जानकारी भी मिली है कि अतर सिंह भड़ाना से जुड़े सुरक्षाकर्मियों ने कथित तौर पर वीडियो के जरिए तनाव को और बढ़ा दिया। बताया जा रहा है कि इनमें से कुछ सुरक्षाकर्मी धौलपुर क्षेत्र के हैं। पुलिस टीमें घटनाओं के क्रम का पता लगाने और इसमें शामिल लोगों की भूमिका तय करने के लिए वीडियो और अन्य सामग्रियों की जांच कर रही हैं।
गिरफ्तार किए गए भागमल, सोनी, शेर सिंह, बलदेव और कुंवर सिंह को न्यायिक मजिस्ट्रेट सुविहय हाफिज सिद्दीकी के सामने पेश किया गया। पुलिस ने पूछताछ के लिए तीन दिन की पुलिस कस्टडी की मांग की थी। हालांकि, अदालत ने सभी पांचों आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया।
मुकेश ‘फौजी’ की तलाश के दौरान पुलिस टीमों ने कई जगहों पर छापेमारी की, जिनमें उसके रिश्तेदारों के घर भी शामिल थे। जांचकर्ताओं को शक था कि वह आस-पास के गांवों या बयाना इलाके में छिपा हो सकता है, जहां भौंडा गांव के लोगों के पारिवारिक संबंध हैं। डांग इलाके के ऊबड़-खाबड़ और पहाड़ी रास्तों की वजह से भी तलाश में काफी मुश्किलें आईं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुछ जगहों पर पुलिस टीमों के पहुंचने से पहले ही आरोपी वहां से भाग निकलने में कामयाब रहा। इसके अलावा, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी पुलिस टीमें भेजी गईं, क्योंकि ऐसी आशंका थी कि मुख्य आरोपी इनमें से किसी एक राज्य में भाग गया हो सकता है।
--आईएएनएस
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