नॉर्वे में कश्मीर मुद्दे पर चर्चा के बाद भारत बोला-'पीओके में हो रहे अत्याचार पर ध्यान दे दुनिया'
नई दिल्ली, 14 अगस्त (आईएएनएस)। भारत के विदेश मंत्रालय ने शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की कि वे पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर में हो रहे अत्याचारों पर ध्यान दे। इसके साथ ही, उन्होंने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख हमेशा भारत के अभिन्न और अविभाज्य हिस्से रहेंगे। वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि डीजल को लेकर बांग्लादेश की तरफ से जो अपील की गई है, वो सप्लाई जारी रहेगा। हालांकि, भारत घरेलू जरूरतों, रिफाइनिंग क्षमता और डीजल की उपलब्धता को देखते हुए सप्लाई जारी रखेगा।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने नई दिल्ली में मीडिया ब्रीफिंग में कहा, "पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है। जिन मुद्दों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चिंता करनी चाहिए, वे हैं पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले कश्मीर में अभी हो रहे अत्याचार और पीओके का इस्तेमाल सीमा पार आतंकवाद के लिए किया जा रहा है।"
इस्लामाबाद में गुरुवार को नॉर्वे के विदेश मंत्री एस्पेन बार्थ ईडे और उनके पाकिस्तानी समकक्ष इश्क डार के बीच एक मीटिंग हुई। इस मीटिंग के बाद एक संयुक्त बयान जारी किया गया था जिसमें कहा गया कि दोनों पक्षों ने कश्मीर समेत क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की।
पीओके में फिलहाल हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। पीओके के स्थानीय लोगों और पाकिस्तानी सरकार के बीच दशकों में सबसे बड़ा टकराव जारी है। वर्तमान हालात में जानलेवा हिंसा, इंटरनेट पर रोक और पुलिस की बर्बरता देखने को मिल रही हैं। ये विरोध प्रदर्शन शुरू में बिजली और जरूरी चीजों की बढ़ती कीमतों को लेकर शुरू हुए थे। हालांकि, अब ये एक आंदोलन में बदल गया हैं जिसमें राजनीतिक सुधार, ज्यादा जवाबदेही और रिप्रेजेंटेटिव सरकार की मांग की जा रही है।
हाल के हफ्तों में, जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (जेएएसी) समेत कई सोशल मीडिया हैंडल पर पोस्ट किए गए कई वीडियो में पीओके में पाकिस्तानी सेना की क्रूरता दिखाई गई है। सोशल मीडिया पर साझा किए गए कई वीडियो में यह भी दिखाया गया कि जब स्थानीय पुलिस पीओके के कोटली में एक शांतिपूर्ण प्रोटेस्ट रैली पर आतंक मचा रही थी और गोलियां चला रही थी, तो महिला प्रदर्शनकारी अपनी जान बचाने के लिए भाग रही थीं।
इसके अलावा, विदेश मंत्रालय कहा कि बांग्लादेश को डीजल सप्लाई करने का मौजूदा इंतजाम जारी रहेगा, लेकिन ढाका की और सप्लाई की अपील की जांच भारत की घरेलू जरूरतों, रिफाइनिंग क्षमता और डीजल की उपलब्धता को देखते हुए की जाएगी।
बांग्लादेश ने पहले भी भारत से डीजल सप्लाई की मदद मांगी थी, जिसे देश ने पूरा किया। इसके बाद, ढाका की ताजा अपील को लेकर पूछे गए सवाल पर रणधीर जायसवाल ने कहा, "डीजल की सप्लाई के लिए बांग्लादेश के साथ हमारा एक मौजूदा इंतजाम है। यह अभी की अपील के लिए भी जारी है जिसका आपने जिक्र किया है। हमारी अपनी जरूरत, हमारी रिफाइनिंग कैपेसिटी और हमारे देश में डीजल की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए इसकी जांच की जाएगी।"
--आईएएनएस
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