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पीएम मोदी ने एकता नगर में ‘भारत पर्व 2026’ का किया उद्घाटन, 15 नवंबर तक चलेगा आयोजन

एकता नगर (गुजरात), 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर में ‘भारत पर्व 2026’ का उद्घाटन किया। इस सांस्कृतिक महोत्सव में देश की परंपराओं, लोककलाओं, क्षेत्रीय व्यंजनों, हस्तशिल्प और पर्यटन स्थलों की झलक देखने को मिलेगी। राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के तहत आयोजित यह महोत्सव 15 नवंबर तक चलेगा।
 

एकता नगर (गुजरात), 30 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को गुजरात के नर्मदा जिले के एकता नगर में ‘भारत पर्व 2026’ का उद्घाटन किया। इस सांस्कृतिक महोत्सव में देश की परंपराओं, लोककलाओं, क्षेत्रीय व्यंजनों, हस्तशिल्प और पर्यटन स्थलों की झलक देखने को मिलेगी। राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह के तहत आयोजित यह महोत्सव 15 नवंबर तक चलेगा।

राष्ट्रीय एकता और ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना पर आधारित भारत पर्व राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी सांस्कृतिक पहचान और पर्यटन की संभावनाओं को प्रदर्शित करने का मंच प्रदान करता है। इस आयोजन से एकता नगर और आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री मोदी बाद में ‘एकता प्रकाश पर्व’ का भी अवलोकन करेंगे। यह रोशनी का महोत्सव भारत की एकता, विविधता, सांस्कृतिक विरासत और प्रगति को समर्पित है।

इस महोत्सव के प्रमुख आकर्षणों में वैली ऑफ फ्लावर्स रोड पर 530 मीटर लंबा रोशनी से सजा मार्ग शामिल है, जिसे ‘प्राचीन भारत से आधुनिक भारत तक’ की थीम पर तैयार किया गया है। इसके अलावा 180 मीटर लंबी ग्लो टनल बनाई गई है, जिसमें देश के चारों क्षेत्रों की संस्कृति, वास्तुकला, लोकनृत्य, हस्तशिल्प और जीवनशैली को प्रदर्शित किया गया है। इन आकर्षक प्रस्तुतियों के लिए 1.5 करोड़ से अधिक एलईडी लाइटों का इस्तेमाल किया गया है। देशभर के कलाकारों ने इसके लिए विभिन्न कलाकृतियां तैयार की हैं।

प्रधानमंत्री मोदी रात करीब 8:15 बजे उन्नत सुविधाओं से विकसित शूलपाणेश्वर नर्मदा घाट पर नर्मदा आरती में भी शामिल होंगे। स्टैच्यू ऑफ यूनिटी एरिया डेवलपमेंट एंड टूरिज्म गवर्नेंस अथॉरिटी ने 15.10 करोड़ रुपये की लागत से इस घाट का विकास किया है। यहां श्रद्धालुओं और पर्यटकों की क्षमता 4,000 से बढ़ाकर 6,000 कर दी गई है। इसके अलावा करीब 2,000 लोगों के बैठने की व्यवस्था की गई है।

घाट के विकास कार्यों में विस्तारित सीढ़ीदार घाट, 190 मीटर लंबी हर मौसम में उपयोगी संपर्क सड़क, एम्फीथिएटर शैली में बैठने की व्यवस्था, लाल बलुआ पत्थर की सजावट, भित्तिचित्र, मूर्तियां और नदी तट के संरक्षण से जुड़े निर्माण कार्य शामिल हैं। शनिवार, 31 अक्टूबर को देश के पहले उप प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की 151वीं जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी स्टैच्यू ऑफ यूनिटी पर पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद वह 426.71 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली 31 पर्यटन और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे।

इनमें 307.83 करोड़ रुपये की लागत वाली 23 परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा, जबकि 118.88 करोड़ रुपये की आठ परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी। नई पर्यटन सुविधाओं में 50 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित आईआरसीटीसी होटल, 16 करोड़ रुपये की एकता क्रूज, 14.30 करोड़ रुपये की रेन फॉरेस्ट परियोजना और 3.67 करोड़ रुपये की इको ट्रेल शामिल हैं। इसके अलावा जिन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन किया जाएगा, उनमें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, ट्रैवलेटर, परेड ट्रैक, कर्मचारियों के आवास और सड़कों व पर्यटक सुविधाओं का उन्नयन शामिल है।

इस परियोजना पैकेज में नर्मदा घाट का विकास, स्टैच्यू ऑफ यूनिटी परिसर में फसाड लाइटिंग, एकता प्रकाश पर्व का विकास और यूनिटी ग्लो गार्डन का उन्नयन भी शामिल है। जिन आठ परियोजनाओं की आधारशिला रखी जाएगी, उनमें गोरा-भनाद्रा सड़क, स्मार्ट जीरो-वेस्ट एकीकृत ठोस कचरा प्रबंधन परियोजना, खलवानी इको-टूरिज्म का विकास और एकीकृत कैक्टस एवं बटरफ्लाई गार्डन शामिल हैं। इसके अलावा सरदार सरोवर बांध के लिए आपदा नियंत्रण कक्ष और सड़कों के सुधार से जुड़े कार्य भी प्रस्तावित हैं।

अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री मोदी रेन फॉरेस्ट और वामन वृक्ष वाटिका का भी दौरा करेंगे। इसके बाद शाम करीब 5:30 बजे राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह में हिस्सा लेंगे। समारोह में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों, राज्य पुलिस बलों और केंद्रीय पुलिस संगठनों की भागीदारी के साथ एकता परेड आयोजित की जाएगी। इसमें वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ सुरक्षा बलों के प्रयासों को भी प्रदर्शित किया जाएगा।

राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (एनएसडी) की ओर से ‘नक्सल मुक्त भारत’ विषय पर एक नाट्य प्रस्तुति भी दी जाएगी। इसमें वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित रहे 126 जिलों के करीब 2,000 कलाकार हिस्सा लेंगे। इस बार की झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की थीम ‘वंदे मातरम्’ होगी। इसके अलावा देशभर के करीब 5,000 कलाकारों की भागीदारी से एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।

--आईएएनएस

डीएससी