असम सरकार नवंबर में कराएगी सोनोवाल कचारी स्वायत्त परिषद के चुनाव
गुवाहाटी, 25 सितंबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि सोनोवाल कचारी स्वायत्त परिषद (एसकेएसी) के चुनाव नवंबर में कराए जाएंगे। उन्होंने बताया कि ये चुनाव बिना पार्टी के चुनाव चिह्न के आधार पर होंगे।
सीएम सरमा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि राजनीतिक दलों के समर्थन वाले उम्मीदवार चुनाव लड़ सकते हैं, लेकिन चुनाव आयोग उन्हें चुनाव चिह्न आवंटित करेगा। औपचारिक रूप से चुनाव किसी राजनीतिक पार्टी के चुनाव चिह्न पर नहीं लड़ा जाएगा।
उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अपने उम्मीदवारों को सोनोवाल कचारी और मिसिंग स्वायत्त परिषद के चुनाव में उतारेगी, लेकिन वे औपचारिक रूप से पार्टी के चुनाव चिह्न का इस्तेमाल नहीं करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा ने पंचायत चुनावों में भी इसी तरह का तरीका अपनाया था। वे चुनाव भी बिना पार्टी के चुनाव चिह्न के आधार पर कराए गए थे।
उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य जमीनी स्तर पर मतदाताओं और समुदायों को राजनीतिक दलों के आधार पर बंटने से रोकना है।
सरमा ने स्पष्ट किया कि भाजपा के वरिष्ठ नेता, जिनमें विधायक, मंत्री और अन्य निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल हैं, चुनाव प्रचार से दूर रहेंगे। हालांकि, पार्टी के सामान्य कार्यकर्ता चुनाव नियमों के तहत प्रचार और अन्य गतिविधियों में हिस्सा ले सकेंगे।
असम कैबिनेट ने गुरुवार को मिसिंग स्वायत्त परिषद और सोनोवाल कचारी स्वायत्त परिषद, दोनों के चुनाव नवंबर 2026 में कराने का फैसला किया था।
सोनोवाल कचारी स्वायत्त परिषद असम की वैधानिक स्वायत्त परिषदों में से एक है। इसका गठन संबंधित अनुसूचित जनजाति समुदाय के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक विकास के लिए किया गया है।
राजनीतिक दलों ने चुनाव की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सोनोवाल कचारी स्वायत्त परिषद चुनाव के लिए 50 सदस्यीय समन्वय समिति का गठन किया है। इसमें डिब्रूगढ़, तिनसुकिया, धेमाजी, जोरहाट, गोलाघाट, शिवसागर और लखीमपुर सहित कई जिलों को शामिल किया गया है।
असम गण परिषद ने भी चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं और कहा है कि वह स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ना चाहती है।
सरमा ने कहा कि बिना पार्टी के चुनाव चिह्न वाले इस चुनाव से मुकाबला राजनीतिक दलों के बीच सीधी लड़ाई बनने के बजाय स्थानीय उम्मीदवारों और समुदाय से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित रहेगा।
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