गुवाहाटी में असम को मिलेगा पूर्वोत्तर का पहला वीजा आवेदन केंद्र
गुवाहाटी, 14 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को घोषणा की कि पूर्वोत्तर के पहले वीजा आवेदन केंद्र का उद्घाटन गुरुवार को गुवाहाटी में किया जाएगा। इस कदम का उद्देश्य इस क्षेत्र के लोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा को अधिक सुलभ और सुविधाजनक बनाना है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि नया केंद्र पूर्वोत्तर के निवासियों के लिए कई देशों की वीजा सेवाओं को सुलभ बनाएगा।
मुख्यमंत्री ने 15 अक्टूबर को होने वाले उद्घाटन की घोषणा करते पूछा कि असम, क्या आप उड़ान भरने के लिए तैयार हैं?
यह केंद्र वीएफएस ग्लोबल द्वारा स्थापित किया जा रहा है, जो दुनिया भर की सरकारों और राजनयिक मिशनों की ओर से वीजा आवेदन और संबंधित सेवाएं प्रदान करने वाली कंपनी है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, गुवाहाटी केंद्र शेंगेन वीजा प्रणाली के अंतर्गत आने वाले कई यूरोपीय गंतव्यों सहित 14 देशों के लिए वीजा आवेदन की सुविधा प्रदान करेगा।
सूची में ऑस्ट्रिया, चेक गणराज्य, एस्टोनिया, फ्रांस, इटली, लातविया, स्विट्जरलैंड, साइप्रस, मिस्र, आयरलैंड, जापान, माल्टा और मोरक्को आदि देश शामिल हैं।
शेंगेन वीजा योग्य यात्रियों को लागू प्रवेश शर्तों के अधीन एक ही वीजा पर यूरोप के शेंगेन क्षेत्र के कई देशों की यात्रा करने की अनुमति देता है।
इस नई सुविधा से असम और पड़ोसी पूर्वोत्तर राज्यों के निवासियों, विशेष रूप से पर्यटन, शिक्षा, व्यवसाय या अन्य उद्देश्यों के लिए विदेश यात्रा की योजना बना रहे लोगों के लिए अंतरराष्ट्रीय यात्रा संबंधी सेवाओं तक पहुंच में सुधार होने की उम्मीद है।
गुवाहाटी, पूर्वोत्तर का सबसे बड़ा शहर और एक प्रमुख वाणिज्यिक और प्रशासनिक केंद्र, पूरे क्षेत्र से यात्रा करने वाले लोगों के लिए प्रवेश द्वार का काम करता है।
इस केंद्र की स्थापना से आवेदकों को सेवाएं सुलभ कराकर वीजा आवेदन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है, हालांकि व्यक्तिगत वीजा संबंधी निर्णय संबंधित देशों और उनके अधिकृत अधिकारियों के पास ही रहेंगे।
यह घोषणा गुवाहाटी को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी, वाणिज्य और सेवाओं के केंद्र के रूप में मजबूत करने के प्रयासों के बीच आई है।
अपॉइंटमेंट प्रक्रिया, आवेदन संबंधी आवश्यकताएं और सेवा शुल्क सहित अन्य परिचालन संबंधी विवरण अधिकृत सेवा प्रदाता के माध्यम से उपलब्ध होंगे।
इस पहल से असम और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के आवेदकों को वीजा आवेदन सुविधाओं तक क्षेत्रीय पहुंच में सुधार और विदेश यात्रा से जुड़ी लॉजिस्टिक संबंधी चुनौतियों में कमी आने से लाभ होने की उम्मीद है।
--आईएएनएस
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