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असम राइफल्स ने अगरतला में ऑपरेशनल तैयारी और क्षमताओं का प्रदर्शन किया

अगरतला, 18 सितंबर (आईएएनएस)। असम राइफल्स ने शुक्रवार को अगरतला में हथियारों और उपकरणों का प्रदर्शन किया। इसका मकसद देश की सुरक्षा और पूर्वोत्तर में सुरक्षा बनाए रखने में अपनी क्षमताओं, ऑपरेशनल तैयारी और भूमिका को दिखाना था।
 

अगरतला, 18 सितंबर (आईएएनएस)। असम राइफल्स ने शुक्रवार को अगरतला में हथियारों और उपकरणों का प्रदर्शन किया। इसका मकसद देश की सुरक्षा और पूर्वोत्तर में सुरक्षा बनाए रखने में अपनी क्षमताओं, ऑपरेशनल तैयारी और भूमिका को दिखाना था।

रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि असम राइफल्स ने शुक्रवार को अगरतला के शहीद भगत सिंह यूथ हॉस्टल में एनसीसी (नेशनल कैडेट कोर) कैडेट्स के लिए हथियारों और उपकरणों का प्रदर्शन आयोजित किया। यह कार्यक्रम फोर्स की भूमिका, क्षमताओं और ऑपरेशनल तैयारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने की लगातार कोशिशों का हिस्सा था।

उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में कैडेट्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और उन्हें असम राइफल्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले विभिन्न हथियारों, उपकरणों और खास सिस्टम के बारे में सीधे जानकारी हासिल करने का मौका मिला।

कैडेट्स ने असम राइफल्स के जवानों के साथ बातचीत की और हथियारों की क्षमताओं, उनके इस्तेमाल और ऑपरेशनल महत्व के बारे में जानकारी ली।

रक्षा विभाग के प्रवक्ता के मुताबिक, यह पहल युवाओं को सशस्त्र बलों और असम राइफल्स में करियर बनाने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित करने का एक अहम मंच भी साबित हुई। इस बातचीत से प्रतिभागियों को असम राइफल्स के प्रोफेशनल मूल्यों, प्रतिबद्धता और भूमिका के बारे में जानकारी मिली।

इस कार्यक्रम ने युवाओं को जोड़ने, राष्ट्र-निर्माण और युवा पीढ़ी में देशभक्ति और सेवा की भावना को बढ़ावा देने के प्रति असम राइफल्स की प्रतिबद्धता को फिर से साबित किया। अधिकारी ने कहा कि इस तरह की आउटरीच पहल असम राइफल्स और पूर्वोत्तर के लोगों के बीच संबंधों को मजबूत करती रहती हैं।

असम राइफल्स की यूनिट्स पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में तैनात हैं, जिनमें मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, असम और त्रिपुरा शामिल हैं। हालांकि, ज्यादातर राज्यों में उग्रवाद पर काबू पा लिया गया है, लेकिन प्रतिबंधित संगठन फिर से संगठित होने और जबरन वसूली व युवाओं की भर्ती के जरिए नेटवर्क बनाने की लगातार कोशिशें कर रहे हैं। यह पैरामिलिट्री फोर्स पूर्वोत्तर में, खासकर मिजोरम, मणिपुर, असम और त्रिपुरा में संगठित ड्रग तस्करी नेटवर्क को रोकने में अहम भूमिका निभा रही है।

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "असम राइफल्स उग्रवादी समूहों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखती है। उग्रवादी पुलिस से बचने के लिए राज्यों की सीमाओं के पार काम करते हैं। उग्रवादी समूह एक-दूसरे से जुड़े होते हैं और एक-दूसरे के कैडर्स को पनाह देते हैं। उन तक पहुंचने के लिए एक मजबूत खुफिया नेटवर्क की जरूरत होती है।"

--आईएएनएस

एएसएच/डीकेपी