मणिपुर: असम राइफल्स ने 'खोंगजोम युद्ध स्मारक' पर विरासत संरक्षण को बढ़ावा दिया
इंफाल, 1 जून (आईएएनएस)। असम राइफल्स ने मणिपुर के काकचिंग जिले में स्थित 'खोंगजोम युद्ध स्मारक' पर ऐतिहासिक जागरूकता और विरासत संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए कई पहल की हैं। ये पहल राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के महत्व को रेखांकित करती हैं।
रक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस पहल के तहत, असम राइफल्स ने जिला प्रशासन के समन्वय से स्मारक का संयुक्त निरीक्षण किया ताकि जीर्णोद्धार की आवश्यकताओं का आकलन किया जा सके और इसके सौंदर्यीकरण और रखरखाव के उपायों की पहचान की जा सके।
निरीक्षण के बाद एक ऐतिहासिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों को 1891 के ऐतिहासिक खोंगजोम युद्ध के बारे में शिक्षित किया गया। ये मणिपुर के इतिहास का एक महत्वपूर्ण अध्याय है और वीरता, बलिदान और देशभक्ति का प्रतीक है।
इस कार्यक्रम में कुल 114 छात्रों ने भाग लिया, जिनमें 64 एनसीसी कैडेट, स्लोपलैंड हायर सेकेंडरी स्कूल, काकचिंग के 20 छात्र और असम राइफल्स पब्लिक स्कूल, काकचिंग के 20 छात्र शामिल थे।
संवादात्मक सत्रों और चर्चाओं के माध्यम से प्रतिभागियों को मणिपुरी योद्धाओं की विरासत को संरक्षित करने और खोंगजोम युद्ध स्मारक के ऐतिहासिक महत्व को समझने के लिए जागरूक किया गया।
प्रवक्ता ने बताया कि यह पहल सोमवार (1 जून) को एक विरासत स्वच्छता अभियान के साथ समाप्त हुई, जिसमें असम राइफल्स के जवानों ने छात्रों और एनसीसी कैडेटों के साथ मिलकर स्मारक परिसर की सफाई की।
उन्होंने आगे बताया कि इस अभियान में पगडंडियों, सार्वजनिक क्षेत्रों और आसपास के भूभागों को शामिल किया गया, जिससे ऐतिहासिक स्थल के संरक्षण और सौंदर्यीकरण में योगदान मिला।
काकचिंग में तैनात असम राइफल्स के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभागियों से बातचीत की और मातृभूमि के इतिहास को समझने और विरासत स्थलों को सावधानी, जिम्मेदारी और सम्मान के साथ संरक्षित करने के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने युवा पीढ़ी को भावी पीढ़ियों के लिए ऐतिहासिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया।
स्थानीय निवासियों और आगंतुकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि स्वच्छता अभियान ने न केवल स्मारक की सुंदरता को बढ़ाया है, बल्कि युवाओं में नागरिक जिम्मेदारी और ऐतिहासिक चेतना की भावना को भी बढ़ावा दिया है।
--आईएएनएस
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