असम में राइजर दल का आरोप, सीएम सरमा के घर की ओर मार्च के दौरान पुलिस ने की ज्यादती
गुवाहाटी, 8 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम की क्षेत्रीय पार्टी 'राइजर दल' ने गुरुवार को आरोप लगाया कि राज्य सरकार से जुड़े मुद्दों को लेकर गुवाहाटी में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के आवास की ओर किए गए विरोध मार्च के दौरान पुलिस की कार्रवाई में उसके कई कार्यकर्ता घायल हो गए।
यह विरोध प्रदर्शन राइजोर दल के विधायक अखिल गोगोई के आह्वान पर आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी के समर्थक काले झंडे लेकर सड़कों पर उतरे और मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च किया।
पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को उस इलाके में पहुंचने पर हिरासत में ले लिया, जिसके बाद कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई।
पार्टी के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में राइजोर दल के नेता धैर्य कोंवर और विद्युत सैकिया शामिल थे। राइजोर दल ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने अपने कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेते समय जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया, जिससे कई प्रदर्शनकारी घायल हो गए।
एक बयान में पार्टी ने दावा किया कि हिरासत में लिए जाने के दौरान उसके कार्यकर्ता अनंत अरंधारा के निजी अंगों में गंभीर चोट आई। पार्टी ने आरोप लगाया कि हिरासत में लेते समय पुलिसकर्मियों ने उस हिस्से को अपने हाथों से जोर से दबाया।
पार्टी ने यह भी दावा किया कि पुलिस की कार्रवाई के दौरान कई अन्य प्रदर्शनकारियों के सिर और छाती में चोटें आईं। इन आरोपों की तुरंत स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी।
राइजोर दल ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना की और अधिकारियों पर राज्य सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों के खिलाफ जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग करने का आरोप लगाया।
पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि बयान जारी करने के समय तक कुछ घायल प्रदर्शनकारियों को इलाज नहीं मिला था।
यह विरोध प्रदर्शन असम में बढ़ी हुई राजनीतिक गतिविधियों के बीच हो रहा है, जहां राइजोर दल और अन्य विपक्षी समूह अक्सर राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से जुड़े मुद्दों को उठाते रहते हैं।
पुलिस अधिकारियों ने अभी तक जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग या प्रदर्शनकारियों द्वारा बताई गई चोटों के आरोपों पर कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया है।
इस घटना ने राइजोर दल और राज्य प्रशासन के बीच एक नया राजनीतिक टकराव पैदा कर दिया है, जिसमें विपक्षी पार्टी हिरासत के दौरान लगी कथित चोटों के लिए जवाबदेही की मांग कर रही है।
--आईएएनएस
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