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असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने शहीद पुलिसकर्मियों को दी श्रद्धांजलि, बोले- राज्य उन्हें हमेशा याद रखेगा

गुवाहाटी, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले छह पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पुलिसकर्मियों के बलिदान और समर्पण को याद करते हुए कहा कि कृतज्ञ असम राज्य उन्हें हमेशा याद रखेगा।
 

गुवाहाटी, 21 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बुधवार को पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले छह पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पुलिसकर्मियों के बलिदान और समर्पण को याद करते हुए कहा कि कृतज्ञ असम राज्य उन्हें हमेशा याद रखेगा।

मुख्यमंत्री ने गुवाहाटी स्थित 10वीं असम पुलिस बटालियन (एपीबीएन) के मुख्यालय में पुलिस स्मारक पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने शहीद पुलिसकर्मियों को पुष्पांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में असम के पुलिस महानिदेशक हरमीत सिंह और कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।

मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि पुलिस स्मृति दिवस पूरे देश में उन पुलिस अधिकारियों और जवानों के साहस एवं बलिदान को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है, जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए।

उन्होंने कहा, "असम पुलिस ने पिछले साल छह बहादुर जवानों और अधिकारियों को खोया। आज हम यहां स्मारक पर उन्हें श्रद्धांजलि देने और देशभर के पुलिस बलों के बहादुर जवानों एवं अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए एकत्र हुए हैं।"

मुख्यमंत्री ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में जुटे पुलिसकर्मियों के योगदान की भी सराहना की।

सरमा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "असम की जनता की ओर से मैंने स्वतंत्रता के बाद से मां असम के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले असम पुलिस के 900 से अधिक जवानों और अधिकारियों के सम्मान में पुष्पचक्र अर्पित किया। उनका साहस और मातृभूमि के प्रति समर्पण कभी नहीं भुलाया जाएगा। एक कृतज्ञ राज्य उन्हें हमेशा याद रखेगा।"

उन्होंने आगे कहा कि पुलिसकर्मियों के बलिदान के कारण ही आज असम में शांति कायम है, उग्रवाद लगभग समाप्ति के स्तर पर है और अपराध में भी उल्लेखनीय कमी आई है। उन्होंने कहा कि राज्य में शांति बनाए रखने के लिए हरसंभव कदम उठाए जाएंगे।

पुलिस स्मृति दिवस हर साल 21 अक्टूबर को उन पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देने के लिए मनाया जाता है, जिन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए जान गंवाई। इस दिन का संबंध 21 अक्टूबर 1959 की उस घटना से है, जब लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स इलाके में भारत-चीन सीमा पर गश्त के दौरान चीनी सैनिकों के घात लगाकर किए गए हमले में 10 भारतीय पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे।

यह दिवस देश की आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने, अपराध पर अंकुश लगाने और सार्वजनिक व्यवस्था की रक्षा करने में पुलिसकर्मियों के सामने आने वाले जोखिमों की याद दिलाता है। इस अवसर पर देशभर में पुलिस इकाइयों की ओर से स्मारक समारोह आयोजित किए जाते हैं और कर्तव्य के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को सम्मानित किया जाता है।

गुवाहाटी में आयोजित असम पुलिस का श्रद्धांजलि समारोह भी इसी राष्ट्रव्यापी आयोजन का हिस्सा था, जिसमें देश की सेवा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को याद किया गया।

--आईएएनएस

डीएससी