असम के राज्यपाल ने आपदा प्रबंधन पर दिया जोर, बोले- तैयारी और रिस्पॉन्स एजेंसियों में बेहतर तालमेल जरूरी
गुवाहाटी, 13 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने मंगलवार को आपदा-रोधी भारत बनाने के लिए आपदा की बेहतर तैयारी, नियमित मॉक ड्रिल और इमरजेंसी रिस्पॉन्स एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (सीआरपीएफ) और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) की एक-दूसरे की पूरक भूमिकाओं का भी जिक्र किया।
'नमो मातृभूमि सुरक्षा एवं स्वावलंबन संकल्प सप्ताह' के तहत सीआरपीएफ के सहयोग से 'लोक भवन असम' द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए गवर्नर ने लोगों की जान बचाने और सार्वजनिक सुरक्षा सुनिश्चित करने में 'समन्वय', 'सुरक्षा' और 'संवेदना' के सिद्धांतों पर जोर दिया।
गवर्नर आचार्य ने कहा कि सीआरपीएफ और एनडीआरएफ "राष्ट्र प्रथम, जनसेवा सर्वोपरि" की भावना का उदाहरण हैं; सुरक्षा बल आंतरिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखते हैं, जबकि आपदा प्रतिक्रिया टीमें आपात स्थिति में बचाव और राहत कार्य करती हैं।
उन्होंने सीआरपीएफ के साहस, अनुशासन और कर्तव्य के प्रति समर्पण की सराहना की, और खासकर महिला कर्मियों के योगदान की तारीफ की।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मिशनों में बल की भागीदारी पर भी प्रकाश डाला, जिसने भारत के वैश्विक शांति-स्थापना और मानवीय प्रयासों में योगदान दिया है।
असम में प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम का जिक्र करते हुए गवर्नर ने कहा कि भूकंप, बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाओं के लिए मजबूत तैयारी और त्वरित, समन्वित कार्रवाई की जरूरत है।
शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जिलों में हाल ही में आई बाढ़ का जिक्र करते हुए गवर्नर आचार्य ने बचाव और राहत कार्यों में एनडीआरएफ, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), पुलिस और अन्य एजेंसियों के प्रयासों की सराहना की।
उन्होंने जोर दिया कि आपदा प्रबंधन संकट आने से पहले ही शुरू हो जाना चाहिए और लोगों में जागरूकता बढ़ाने, नियमित मॉक ड्रिल करने और प्रतिक्रिया देने वाली एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने शैक्षणिक संस्थानों से भी छात्रों के बीच आपदा की तैयारी और सामुदायिक सेवा को बढ़ावा देने का आग्रह किया।
युवाओं से राष्ट्र-निर्माण में योगदान करने का आह्वान करते हुए गवर्नर आचार्य ने उन्हें विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार और सामाजिक सेवा में अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग करके एक सुरक्षित, आत्मनिर्भर और आपदा-रोधी भारत बनाने के लिए प्रोत्साहित किया।
कार्यक्रम में एनडीआरएफ द्वारा आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया, जिसमें आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रक्रियाओं का प्रदर्शन किया गया।
गवर्नर ने बचाव उपकरणों की प्रदर्शनी वाले स्टॉल का भी दौरा किया और भाग लेने वाले छात्रों से बातचीत की, साथ ही उनसे आपातकालीन प्रतिक्रिया और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों के बारे में जागरूकता विकसित करने का आग्रह किया।
कार्यक्रम में सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी, पुलिस अधिकारी, गुवाहाटी रिफाइनरी के प्रतिनिधि, छात्र और अन्य गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।
--आईएएनएस
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