असम कांग्रेस ने नीट विवाद पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की
गुवाहाटी, 22 जुलाई (आईएएनएस)। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी (एपीसीसी) ने बुधवार को गुवाहाटी में नीट पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग की। इस क्रम में उन्होंने एक विरोध रैली निकाली और संसद में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा की मांग की।
विरोध मार्च गुवाहाटी के राजीव भवन से शुरू हुआ और इसका नेतृत्व असम विधानसभा में विपक्ष के नेता वाजेद अली चौधरी ने किया। केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर मेडिकल प्रवेश परीक्षा के संचालन में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया।
प्रदर्शनकारियों ने नीट परीक्षा से जुड़े विवाद की 'नैतिक जिम्मेदारी' लेते हुए प्रधान से पद छोड़ने की मांग की।
एपीसीसी ने संसद में इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा की भी मांग की और केंद्र से परीक्षा प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर को तुरंत वापस लेने का आग्रह किया।
विपक्ष के उपनेता डॉ. जयंत प्रकाश दास और विधायकों जाकिर हुसैन सिकदर, नूरुल हुदा, बेबी बेगम, आसिफ नजर, जुबैर अनम और तंजील हुसैन सहित कई कांग्रेस विधायकों ने प्रदर्शन में भाग लिया।
कांग्रेस के झंडे लिए बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और वरिष्ठ नेता रैली में शामिल हुए। उपस्थित लोगों में एपीसीसी महासचिव बिपुल गोगोई, गुवाहाटी शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष स्वपन दास, वरिष्ठ नेता रूपा देउरी, महासचिव इमदाद हुसैन, बांदीप दत्ता और मोइनाजन बेगम, अनुसूचित जाति प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कृष्ण दास, मीडिया विभाग के प्रतिनिधि हैप्पी गोगोई और रूपा कलिता और एनएसयूआई असम के अध्यक्ष कौशिक कश्यप शामिल थे।
पुलिस की निगरानी में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, जिसमें कांग्रेस नेताओं ने दोहराया कि कथित परीक्षा अनियमितताओं ने देश भर में लाखों छात्रों और उनके परिवारों के विश्वास को ठेस पहुंचाई है।
पार्टी ने कहा कि वह अपना आंदोलन तब तक जारी रखेगी जब तक केंद्र सरकार इस विवाद की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं कर लेती और छात्रों और विपक्षी दलों द्वारा नीट परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर उठाई गई चिंताओं का समाधान नहीं कर देती।
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