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गुजरात दौरे के दौरान असम के सीएम ने 'स्वागत' सिस्टम देखा, सोमनाथ मंदिर में की पूजा-अर्चना

गांधीनगर, 27 अगस्त (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को गुजरात के दौरे के दौरान राज्य के 'स्वागत' ऑनलाइन शिकायत निवारण सिस्टम को देखा और सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने लोगों की शिकायतों को सुलझाने के लिए गुजरात के टेक्नोलॉजी-आधारित तरीके में दिलचस्पी दिखाई।
 

गांधीनगर, 27 अगस्त (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को गुजरात के दौरे के दौरान राज्य के 'स्वागत' ऑनलाइन शिकायत निवारण सिस्टम को देखा और सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। उन्होंने लोगों की शिकायतों को सुलझाने के लिए गुजरात के टेक्नोलॉजी-आधारित तरीके में दिलचस्पी दिखाई।

गांधीनगर में, सरमा को गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी से 'स्वागत' के काम करने के तरीके के बारे में विस्तार से जानकारी मिली।

2003 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री रहते हुए शुरू किया गया यह सिस्टम नागरिकों को अपनी शिकायतें दर्ज कराने और उनके समाधान को ट्रैक करने के लिए एक ऑनलाइन सुविधा देता है।

पटेल और संघवी ने गांव, तालुका और जिला स्तर पर काम करने वाले तीन-स्तरीय सिस्टम के बारे में बताया। जानकारी के अनुसार, 'स्वागत' के जरिए मिली 90 प्रतिशत से ज्यादा शिकायतों का समाधान हो जाता है।

सरमा ने इस सिस्टम में गहरी दिलचस्पी दिखाई और लोगों की शिकायतों के समाधान के लिए इसके टेक्नोलॉजी-आधारित तरीके से प्रभावित हुए।

इस बातचीत के दौरान असम के वित्त मंत्री, गांधीनगर के विधायक अल्पेश ठाकोर, गुजरात के मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. विक्रांत पांडे और विशेष ड्यूटी पर तैनात अधिकारी धीरज पारेख और राकेश व्यास भी मौजूद थे।

इससे पहले दिन में, सरमा गिर सोमनाथ गए, जहां वे हेलीपैड पर उतरे और सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की। उनके साथ उनका परिवार भी था।

अपनी यात्रा के बारे में बताते हुए सरमा ने कहा, "आज मुझे अपने परिवार के साथ भगवान सोमनाथ के दिव्य दर्शन करने का सौभाग्य मिला।"

उन्होंने ज्योतिर्लिंग को आस्था और भारत की प्राचीन सभ्यता का प्रतीक बताया और कहा कि इसका इतिहास सनातनियों के लिए प्रेरणादायक है।

उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने 'भारतवर्ष की शांति और समृद्धि' के लिए प्रार्थना की।

मंदिर के दर्शन के बाद सरमा ने कहा कि सावन का महीना पवित्र होता है और उन्होंने उन लोगों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने उनकी यात्रा में मदद की।

उन्होंने कहा, "सावन का महीना बहुत पवित्र है। मुझे सोमनाथ जाने का सौभाग्य मिला; दर्शन बहुत अच्छे रहे। इतनी शानदार यात्रा को संभव बनाने के लिए मैं आप सभी का धन्यवाद करता हूं।"

गुजरात यात्रा के दौरान, सरमा ने महिलाओं के अधिकारों और यूनिफॉर्म सिविल कोड (समान नागरिक संहिता) पर भी बात की और कांग्रेस पर निशाना साधा।

उन्होंने कहा, "कांग्रेस महिलाओं के विरोधी पार्टी है," और तर्क दिया कि देश में अब तक यूनिफॉर्म सिविल कोड लागू न हो पाने के लिए यही पार्टी जिम्मेदार है।

उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस की वजह से महिलाओं को समान अधिकार नहीं मिले हैं और महिलाओं से पार्टी का बहिष्कार करने का आह्वान किया। शर्मा ने भारतीय संदर्भ में 'जेन-जी' और 'जेन अल्फा' जैसे पीढ़ीगत लेबल को भी खारिज कर दिया।

उन्होंने कहा, "हमारे देश में 'जेन-जी' या 'जेन अल्फा' जैसी कोई चीज़ नहीं है।" उन्होंने तर्क दिया कि भारतीय समाज बेटे-बेटी, माता-पिता और दादा-दादी/नाना-नानी जैसे रिश्तों के इर्द-गिर्द बना है।

उन्होंने कहा कि 'जेन-जी' और 'जेन अल्फा' जैसी अवधारणाएं अमेरिका और यूरोप में शुरू हुईं और इनका भारतीय संस्कृति से कोई लेना-देना नहीं है।

उन्होंने कहा, "हमें एकजुट रहना चाहिए, एक परिवार की तरह रहना चाहिए, अपने बेटे-बेटियों के लिए अथक परिश्रम करना चाहिए और देश को आगे बढ़ाना चाहिए।"

--आईएएनएस

एससीएच