असम के मुख्यमंत्री ने 82,219 उद्यमियों को 278 करोड़ रुपए बांटे, युवाओं को आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित किया
गुवाहाटी, 17 सितंबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने गुरुवार को 'मुख्यमंत्री आत्मनिर्भर असम अभियान' (सीएमएएए) 1.0 और 2.0 के तहत युवा उद्यमियों को 278 करोड़ रुपए से ज्यादा की आर्थिक सहायता बांटी। इसके जरिए राज्य सरकार ने युवाओं के बीच उद्यमिता और आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने पर अपना जोर फिर से दोहराया।
गुवाहाटी के खानापारा में ज्योति-बिष्णु अंतरराष्ट्रीय कला मंदिर में आयोजित आर्थिक सहायता वितरण समारोह में बोलते हुए, सरमा ने कहा कि इस पहल का मकसद सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं, बल्कि युवाओं को अपना बिजनेस शुरू करने और सफल उद्यमी बनने के लिए प्रोत्साहित करना भी है।
इस योजना के तहत, सामान्य श्रेणी के लाभार्थियों को 2-2 लाख रुपए मिलते हैं, जिसमें 50 प्रतिशत अनुदान और 50 प्रतिशत बिना ब्याज वाला लोन शामिल है। पेशेवर श्रेणी के उद्यमी 5 लाख रुपए पाने के हकदार हैं, जिसके लिए फंडिंग का यही मॉडल अपनाया गया है।
कार्यक्रम की जानकारी के अनुसार, सीएमएएए 1.0 और 2.0 के तहत कुल 82,219 उद्यमी शामिल हैं। पहले चरण में सामान्य श्रेणी के 9,552 और पेशेवर श्रेणी के 26 लाभार्थी शामिल हैं, जबकि दूसरे चरण में सामान्य श्रेणी के 72,447 और पेशेवर श्रेणी के 194 उद्यमी शामिल हैं।
सरकार सीएमएएए 1.0 के तहत 196 करोड़ रुपए से ज्यादा बांट रही है, जबकि सीएमएएए 2.0 के लिए 182 करोड़ रुपये से ज्यादा का आवंटन किया गया है।
सरमा ने कहा कि सरकार ने पहले उद्यमिता अपनाने वाले युवा लाभार्थियों की मदद के लिए शुरुआती चरण में 75,000 रुपए और बाद के चरण में 25,000 रुपए दिए थे। हालांकि, कई लाभार्थी आगे की सहायता के लिए जरूरी योग्यता शर्तों को पूरा नहीं कर पाए। लगभग 13,000 लाभार्थियों में से करीब 9,552 ने जरूरतें पूरी कीं, जबकि लगभग 4,000 योग्य नहीं पाए गए।
मुख्यमंत्री ने कुछ मामलों में असफलता का कारण लाभार्थियों का नौकरी करना और अपना बिजनेस बंद कर देना बताया। इस पहल में कौशल विकास प्रशिक्षण और मार्केटिंग सहायता भी शामिल है ताकि उद्यमी अपने बिजनेस को मजबूत कर सकें और लंबे समय तक टिके रहने की अपनी संभावनाओं को बेहतर बना सकें।
इस समारोह में उद्योग, वाणिज्य और सार्वजनिक उद्यम मंत्री बिमल बोराह, अधिकारी और भाग लेने वाले उद्यमी शामिल हुए।
--आईएएनएस
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