राहुल गांधी भारत को ‘अराजकता’ की ओर धकेल रहे हैं: असम के मुख्यमंत्री
गुवाहाटी, 12 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर पार्टी के सुप्रीम कोर्ट मार्च को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने उन पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि न्यायिक निर्णयों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन देश को 'अराजकता' की ओर धकेल सकते हैं।
नई दिल्ली में कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए सरमा ने आरोप लगाया कि गांधी संविधान को बनाए रखने और न्याय प्रशासन के लिए जिम्मेदार संस्थाओं के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए लोगों को लामबंद करके एक खतरनाक मिसाल कायम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैंने कभी किसी को सुप्रीम कोर्ट को धमकी देते नहीं देखा। उन्होंने तर्क दिया कि राजनीतिक मतभेदों को न्यायपालिका के अधिकार को कमजोर करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।
सरमा ने चेतावनी दी कि इस तरह के प्रदर्शनों को राजनीतिक विरोध का एक स्वीकृत रूप बनने देना अदालती फैसलों से असंतुष्ट लोगों को इसी तरह के तरीकों का सहारा लेने के लिए प्रोत्साहित कर सकता है।
उन्होंने कहा कि अगर लोग मुकदमा हारने पर सुप्रीम कोर्ट या उच्च न्यायालयों के बाहर समर्थकों को इकट्ठा करने लगें, तो देश की न्यायिक प्रणाली को गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
सरमा ने राहुल गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि वह हमारे लोकतांत्रिक संस्थानों को अराजकता के कगार पर ला रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने तर्क दिया कि कानून के शासन के लिए राजनीतिक नेताओं और आम नागरिकों दोनों को न्यायिक कार्यवाही का सम्मान करना आवश्यक है, भले ही निर्णय उनके हितों के विरुद्ध हों।
उन्होंने न्यायिक संस्थानों के विरोध प्रदर्शनों और चुनावी हार पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं के बीच समानता बताते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस नेतृत्व एक ऐसी संस्कृति को बढ़ावा दे रहा है जिसमें प्रतिकूल परिणामों का दोष अक्सर संस्थागत कुप्रथाओं पर डाला जाता है।
सरमा ने कहा कि हार स्वीकार करने और आगामी चुनावों में जन समर्थन हासिल करने के बजाय, राजनीतिक नेताओं को अपनी कमियों का विश्लेषण करना चाहिए और मतदाताओं के सामने एक मजबूत कार्यक्रम प्रस्तुत करना चाहिए।
कांग्रेस भारत निर्वाचन आयोग के कामकाज के कुछ पहलुओं को चुनौती देती रही है और चुनावी प्रक्रिया पर चिंता व्यक्त करती रही है। सोमवार को सर्वोच्च न्यायालय की ओर उसका मार्च, संस्थागत विफलताओं के खिलाफ उसके व्यापक राजनीतिक अभियान का हिस्सा था।
--आईएएनएस
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