पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे, असम कैबिनेट ने पारित किए 75 प्रस्ताव
गुवाहाटी, 9 अक्टूबर (आईएएनएस)। असम मंत्रिमंडल ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के असम और पूर्वोत्तर के विकास में योगदान को मान्यता देते हुए 75 प्रस्ताव पारित किए। इन प्रस्तावों में बुनियादी ढांचे, संपर्क, औद्योगिक निवेश, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा और सुरक्षा में हुए सुधारों पर प्रकाश डाला गया।
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन को समर्पित 90 मिनट की विशेष मंत्रिमंडल बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल से लेकर प्रधानमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल तक के सभी वर्ष शामिल थे।
बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए सरमा ने कहा कि सुरक्षा, संपर्क और निवेश में हुए सुधारों ने असम के आर्थिक और सामाजिक परिवर्तन के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाई हैं। उन्होंने कहा कहा कि शांति ने विकास के लिए परिस्थितियां बनाईं, संपर्क ने अवसरों के द्वार खोले, उद्योग और निवेश ने नई आर्थिक संभावनाएं पैदा कीं, और स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा ने मानवीय क्षमताओं को मजबूत किया।
मुख्यमंत्री के अनुसार, प्रस्तावों में मोदी के कार्यकाल के दौरान राज्य की आर्थिक संभावनाओं, भौतिक अवसंरचना, रणनीतिक महत्व और सामाजिक विकास में हुए परिवर्तनों को स्वीकार किया गया है। सरमा ने कहा कि असम एक शांतिपूर्ण और निवेश के लिए तैयार राज्य के रूप में उभर रहा है, जो पूर्वोत्तर के प्रवेश द्वार के रूप में और 'विकसित भारत' के राष्ट्रीय दृष्टिकोण में एक महत्वपूर्ण योगदानकर्ता के रूप में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है।
प्रस्तावों में प्रमुख अवसंरचना परियोजनाओं पर प्रकाश डाला गया, जिनमें जगीरोड में 27,000 करोड़ रुपए की सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण सुविधा, नुमालीगढ़ रिफाइनरी का 28,000 करोड़ रुपए का विस्तार और प्रस्तावित गोहपुर-नुमालीगढ़ ट्विन-ट्यूब सड़क सुरंग शामिल हैं। इनकी अनुमानित लागत 18,662 करोड़ रुपए है।
अन्य परियोजनाओं में गुवाहाटी रिंग रोड, काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर और सिलचर-सौराष्ट्र हाई-स्पीड कॉरिडोर शामिल हैं।
मंत्रिमंडल ने प्रस्तावित नामरूप-चतुर्थ अमोनिया-यूरिया परिसर, नुमालीगढ़ में बांस आधारित द्वितीय पीढ़ी के बायोएथेनॉल संयंत्र और 718 किलोमीटर लंबी बरौनी-गुवाहाटी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन पर भी प्रकाश डाला।
एडवांटेज असम 2.0 निवेश शिखर सम्मेलन का भी प्रस्तावों में उल्लेख किया गया।
इस दस्तावेज में बोडो, कार्बी, आदिवासी और संयुक्त मुक्ति मोर्चा (यूएलएफए) समूहों के बीच हुए शांति समझौतों को दीर्घकालिक संघर्षों के समाधान में सहायक बताया गया है।
इसमें स्वास्थ्य सेवा और शैक्षणिक संस्थानों के विकास का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें एम्स गुवाहाटी और आईआईएम गुवाहाटी शामिल हैं। इसके अलावा, चराइदेव मोइदम को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा मिलने और 2024 में असमिया भाषा को शास्त्रीय भाषा का दर्जा मिलने का भी उल्लेख किया गया है।
प्रस्तावों में प्रधानमंत्री बनने के बाद से मोदी की असम की 36 यात्राओं का भी उल्लेख किया गया है।
--आईएएनएस
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