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अक्षय तृतीया: मध्य प्रदेश सरकार ने बाल विवाह रोकने के प्रयासों को तेज किया

भोपाल, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार ने बाल विवाह रोकने के प्रयासों को अक्षय तृतीया से पहले तेज कर दिया है। सरकार ने 20 अप्रैल को होने वाले सामूहिक विवाह समारोहों के दौरान कड़ी निगरानी रखने के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।
 
अक्षय तृतीया: मध्य प्रदेश सरकार ने बाल विवाह रोकने के प्रयासों को तेज किया

भोपाल, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश सरकार ने बाल विवाह रोकने के प्रयासों को अक्षय तृतीया से पहले तेज कर दिया है। सरकार ने 20 अप्रैल को होने वाले सामूहिक विवाह समारोहों के दौरान कड़ी निगरानी रखने के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।

मध्य प्रदेश के महिला एवं बाल विकास विभाग ने सोमवार को जारी बयान में कहा कि उसने सभी जिला कलेक्टरों को बाल विवाह के खिलाफ राज्यव्यापी व्यापक अभियान चलाने का निर्देश दिया है।

इसमें कहा गया है, "यह पहल केंद्र सरकार के 'बाल विवाह-मुक्त भारत' अभियान का हिस्सा है, जिसका नेतृत्व महिला एवं बाल विकास मंत्रालय कर रहा है। इस अभियान का उद्देश्य बाल विवाह को खत्म करना और किशोरियों को सशक्त बनाना है।"

राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में हाल के वर्षों में बाल विवाह के मामलों में कमी दर्ज की गई है।

हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि कुछ जिलों में यह समस्या अभी भी बनी हुई है, खासकर अक्षय तृतीया जैसे सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण अवसरों पर, जब बड़े पैमाने पर सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जाते हैं।

इस समस्या से निपटने के लिए, अधिकारियों को ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।

सामूहिक विवाह कार्यक्रमों में शामिल होने वाले दूल्हा-दुल्हन की उम्र की पुष्टि करने और कानूनी प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी दल तैनात किए जाएंगे।

रोकथाम के उपायों के तहत, स्कूलों और कॉलेजों के छात्रों को कम उम्र में शादी के हानिकारक परिणामों के बारे में जागरूक किया जाएगा।

बयान में कहा गया है, "20 अप्रैल को, सरपंचों, वार्ड पार्षदों और पंचायत सचिवों सहित चुने हुए प्रतिनिधि बाल विवाह रोकने की सार्वजनिक शपथ लेंगे। इस संदेश का पंचायत और वार्ड कार्यालयों में व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाएगा।"

जमीनी स्तर पर, स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं परिवारों को कम उम्र में शादी न करने की सलाह देने के लिए सामूहिक चर्चाएं करेंगी।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, ग्राम कोटवारों और पंचायत अधिकारियों के सहयोग से 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों की एक सूची तैयार की जाएगी, और उनके परिवारों को नियमित रूप से परामर्श दिया जाएगा तथा उन पर निगरानी रखी जाएगी।

सरकार ने अधिकारियों को बाल विवाह के मामलों की रिपोर्ट करने के लिए ऑनलाइन पोर्टल के साथ-साथ हेल्पलाइन नंबर 181, 1098 और 112 का भी व्यापक प्रचार करने का निर्देश दिया है।

बयान के मुताबिक, हर गांव और वार्ड में कड़ी नजर रखने के लिए शिक्षकों, स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं और सामुदायिक प्रतिनिधियों को मिलाकर सूचना दल गठित किए जाएंगे।

--आईएएनएस

एएसएच/डीएससी