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चेन्नई मेट्रो विस्तार को मिली रफ्तार, पीएम मोदी और सीएम विजय ने दिखाई हरी झंडी, लोगों में उत्साह

चेन्नई, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने रविवार को चेन्नई में मेट्रो विस्तार के दूसरे चरण के तहत कॉरिडोर 4 के पहले हिस्से को हरी झंडी दिखाई। यह शहर के बढ़ते पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में एक नया मील का पत्थर है।
 

चेन्नई, 11 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने रविवार को चेन्नई में मेट्रो विस्तार के दूसरे चरण के तहत कॉरिडोर 4 के पहले हिस्से को हरी झंडी दिखाई। यह शहर के बढ़ते पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम में एक नया मील का पत्थर है।

प्रधानमंत्री मोदी ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के साथ मिलकर 4,900 करोड़ रुपए की लागत से बने मेट्रो के नए रूट पर सफर भी किया।

शहर के कई लोगों और यात्रियों ने मेट्रो सेवा शुरू होने पर खुशी जताई। उन्होंने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि इससे शहर की ट्रांसपोर्ट व्यवस्था में बड़ा बदलाव आएगा और ट्रैफिक जाम की पुरानी समस्या हल हो जाएगी।

एक यात्री ने आईएएनएस को बताया, "पूनमल्ली से नई मेट्रो रेल सेवा शुरू होना हमारे लिए बहुत खुशी का पल है। पूनमल्ली से वडापलानी जाने वाले छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और दूसरे यात्रियों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ता था।"

उन्होंने कहा, "इस नई मेट्रो रेल सेवा के शुरू होने से छात्र अपने स्कूल और कॉलेज पहुंच सकेंगे, जबकि नौकरीपेशा लोग तेजी और आसानी से अपने काम की जगहों पर आ-जा सकेंगे।"

यात्री ने कहा, "हम बहुत खुश हैं कि चेन्नई के बाहरी इलाकों में अब मेट्रो रेल सेवा शुरू हो गई है। यह नई सेवा रोजाना के सफर को आसान बनाएगी और लोगों का कीमती समय बचाएगी।"

एक और यात्री श्रीधरन ने कहा, "हम अवादी से हैं और बहुत खुश हैं कि हमारे इलाके में नई मेट्रो रेल सेवा शुरू हुई है। हम लंबे समय से इस सेवा का इंतजार कर रहे थे और इसके आने से हमें बहुत खुशी हुई है।"

उन्होंने यह भी कहा कि मेट्रो सेवा से चेन्नई का सफर बहुत तेज और आसान हो जाएगा। इससे यात्रियों का सफर का समय बचेगा, वे ट्रैफिक जाम से बच सकेंगे और ज्यादा आरामदायक सफर का आनंद ले सकेंगे।

उन्होंने कहा, "हमें खुशी है कि लंबे समय से प्रतीक्षित यह मेट्रो सेवा आखिरकार हम जैसे लोगों के लिए हकीकत बन रही है।"

4,900 करोड़ रुपए का यह मेट्रो रूट शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर का एक जटिल हिस्सा है। इसे शहर के सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाले कॉरिडोर में से एक से गुजरते हुए 3.5 किलोमीटर लंबे डबल-डेकर वायाडक्ट (ऊंचे पुल) के आसपास बनाया जा रहा है।

--आईएएनएस

एससीएच/वीसी