अरुणाचल के सीएम ने राजनाथ सिंह से मिलकर सीमावर्ती बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की मांग की
नई दिल्ली/इटानगर, 26 अप्रैल (आईएएनएस)। अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने रविवार को नई दिल्ली में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात की और राज्य में सीमावर्ती बुनियादी ढांचे के त्वरित विकास का आग्रह किया। रक्षा मंत्री ने आश्वासन दिया कि प्रस्तावित परियोजनाओं की जांच की जाएगी और उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लागू किया जाएगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) के एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री खांडू ने दिल्ली में रक्षा मंत्री से मुलाकात की और सीमावर्ती राज्य में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए निरंतर समर्थन मांगा।
राज्य की जनता की ओर से आभार व्यक्त करते हुए खांडू ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में अभूतपूर्व अवसंरचना विकास हुआ है, विशेषकर सीमावर्ती जिलों में। इससे न केवल अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सुरक्षा मजबूत हुई है, बल्कि स्थानीय निवासियों के जीवन स्तर में भी सुधार आया है।
मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री के साथ राज्य में कनेक्टिविटी की आवश्यकताओं पर विस्तृत चर्चा की, जिसमें विशेष रूप से रणनीतिक अनजान-लिकाबाली-बामे कॉरिडोर पर ध्यान केंद्रित किया गया, जिसमें तारो तमाक नदी पर बना एक महत्वपूर्ण पुल भी शामिल है।
यह सड़क असम के मैदानी इलाकों को अरुणाचल प्रदेश के सुदूर सीमावर्ती जिलों ऊपरी सुबनसिरी और शि-योमी से जोड़ती है।
यह उल्लेखनीय है कि इस रणनीतिक सड़क परियोजना के अधिकांश हिस्से बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (बीआरओ) द्वारा कार्यान्वित किए जा रहे हैं।
सीएम अधिकारी ने बताया कि रक्षा मंत्री ने खांडू को आश्वासन दिया है कि अरुणाचल प्रदेश में सभी प्रस्तावों और परियोजनाओं पर गंभीरता से विचार किया जाएगा।
खांडू ने रविवार शाम एक बयान में कहा कि अरुणाचल प्रदेश में सीमावर्ती बुनियादी ढांचे के विकास और अग्रिम क्षेत्रों के कायापलट के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अटूट समर्थन के लिए हम उनके आभारी हैं।
अपने आधिकारिक एक्स अकाउंट पर मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करना हमेशा एक सौभाग्य और विनम्रतापूर्ण अनुभव होता है। अरुणाचल प्रदेश में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए उनके निरंतर समर्थन का अनुरोध किया।
उन्होंने आगे कहा कि सड़क संपर्क को बेहतर बनाने के लिए प्रमुख प्राथमिकता वाली परियोजनाओं पर चर्चा की गई, जिनमें अनजान-लिकाबाली-बामे कॉरिडोर और तारो तमाक नदी पर प्रस्तावित पुल शामिल हैं। अरुणाचल प्रदेश में सीमावर्ती बुनियादी ढांचे के विकास और अग्रिम क्षेत्रों के रूपांतरण के प्रति उनके अटूट समर्थन के लिए आभारी हूं।
अरुणाचल प्रदेश की 1,080 किलोमीटर लंबी सीमा चीन से, 520 किलोमीटर म्यांमार से और 217 किलोमीटर भूटान से लगती है।
--आईएएनएस
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