पश्चिम बंगाल: दुर्गा पूजा पास घोटाले में गिरफ्तार पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन को अदालत में किया जाएगा पेश
कोलकाता, 29 अक्टूबर (आईएएनएस)। कोलकाता पुलिस ने पश्चिम बंगाल के पूर्व मंत्री इंद्रनील सेन को गिरफ्तार किया है। उन पर यूनेस्को-मान्यता प्राप्त उत्सव दौरों से जुड़े दुर्गा पूजा पास घोटाले में शामिल होने का आरोप है। सेन को गुरुवार को निचली अदालत में पेश किया जाएगा, जहां सरकारी वकील आगे की पूछताछ के लिए उनकी पुलिस हिरासत की मांग करेंगे।
इंद्रनील सेन को बुधवार शाम को गिरफ्तार किया गया था। शहर की पुलिस के एक सूत्र ने बताया कि सबसे पहले उन्हें कोलकाता पुलिस मुख्यालय से मेडिकल जांच के लिए ले जाया जाएगा और उसके बाद उन्हें शहर की अदालत में पेश किया जाएगा।
सेन के खिलाफ जांच से जुड़े शहर की पुलिस के एक सूत्र ने कहा, "पूर्व राज्य मंत्री से विस्तार से पूछताछ करना जरूरी है, ताकि न केवल दुर्गा पूजा पास घोटाले, बल्कि वित्तीय अनियमितताओं के उन अन्य मामलों के बारे में भी पता चल सके, जिनमें वे पिछली सरकार के दौरान राज्य मंत्रिमंडल के सदस्य के रूप में शामिल थे। इसलिए सरकारी वकील उनकी कस्टडी की मांग करेंगे।"
दरअसल, इंद्रनील सेन की गिरफ्तारी के तुरंत बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि उन अन्य प्रभावशाली लोगों को भी नहीं बख्शा जाएगा, जिन्हें उन घोटालों से फायदा मिला, जिनमें सेन आरोपी हैं। मुख्यमंत्री ने बिना नाम लिए परोक्ष रूप से अपनी पूर्ववर्ती और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर भी निशाना साधा।
मुख्यमंत्री ने कहा, "सेन ने अपने मंत्री पद का फायदा उठाया और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री के साथ अपनी करीबी का इस्तेमाल करके खूब पैसा कमाया। सेन और पूर्व मुख्यमंत्री सरकारी कार्यक्रमों में एक साथ गाना गाते थे। जाहिर है पिछली कैबिनेट में सेन अकेले ऐसे व्यक्ति नहीं हैं जिन्होंने मंत्री पद का इस्तेमाल करके संपत्ति बनाई है। इसका हिस्सा निश्चित रूप से ऊपर तक पहुंचा होगा, उन्हें भी नहीं बख्शा जाएगा। बस इंतजार कीजिए और देखिए।"
कोलकाता पुलिस और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) दुर्गा पूजा पास घोटाले की समानांतर जांच कर रहे थे। बुधवार शाम को इस मामले में लंबी पूछताछ के बाद जब सेन कोलकाता के उत्तरी बाहरी इलाके में स्थित ईडी के साल्ट लेक कार्यालय से निकले, तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
इस महीने की शुरुआत में ईडी ने एक बयान जारी किया था, जिसमें सेन के स्वामित्व वाली 'ऑक्टेव रिकॉर्ड्स' से जुड़े एक लेन-देन के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का नाम लिया गया था।
एजेंसी के अनुसार, बैंकिंग चैनलों के जरिए कंपनी के खातों से लगभग 30 लाख रुपए कथित तौर पर बनर्जी को ट्रांसफर किए गए थे। हालांकि, सेन का कहना है कि यह भुगतान रॉयल्टी के रूप में किया गया था।
इसके अलावा पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान हुए संस्थागत भ्रष्टाचार की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित एक न्यायिक जांच आयोग ने भी सेन से जुड़े मामले की जांच शुरू कर दी है। यह आयोग राज्य के सूचना एवं सांस्कृतिक मामलों के विभाग की टेंडर प्रक्रिया में हुई करोड़ों रुपये की अनियमितताओं की जांच कर रहा है। इस विभाग में सेन राज्य मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं। यह जांच ईडी द्वारा की जा रही मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से अलग है।
--आईएएनएस
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