कोटा मेयर चुनाव में भाजपा की जीत, अनुसुइया गोस्वामी ने कांग्रेस उम्मीदवार को हराया
जयपुर, 25 सितंबर (आईएएनएस)। राजस्थान के कोटा नगर निगम के मेयर चुनाव में भाजपा ने बड़ी जीत हासिल की है। भाजपा की अनुसुइया गोस्वामी को कोटा का नया मेयर चुना गया है।
अनुसुइया गोस्वामी को 65 वोट मिले जबकि कांग्रेस उम्मीदवार को 35 वोट मिले। अनुसुइया गोस्वामी को कोटा का मेयर चुना गया है जबकि जयपुर में सुनील कोठारी ने मेयर का चुनाव जीत लिया है।
हालांकि जोधपुर मेयर चुनाव के नतीजे का अभी इंतजार है। श्रीगंगानगर जिले की श्रीविजयनगर नगर पालिका और कोटा जिले की सुकेत नगर पालिका में अध्यक्ष पद के चुनाव के नतीजे भी घोषित कर दिए गए हैं।
श्रीविजयनगर में कांग्रेस के सुशील कुमार मीढा को अध्यक्ष चुना गया जबकि सुकेत नगर पालिका में भाजपा के जितेंद्र चोपड़ा ने एक वोट से अध्यक्ष पद का चुनाव जीत लिया।
जयपुर और जोधपुर में मेयर पद के लिए मतदान शुक्रवार सुबह 10 बजे शुरू हुआ और दोपहर 2 बजे तक चला। इसके बाद वोटों की गिनती की गई।
जोधपुर में भाजपा पार्षद वोट डालने के कुछ समय बाद ही बस से रवाना हो गए। शनिवार को डिप्टी मेयर पद के लिए होने वाले मतदान तक वे कैंप में ही रहेंगे।
इस बीच, जयपुर नगर निगम में मेयर चुनाव के दौरान बाहर विरोध प्रदर्शन भी हुआ।
कांग्रेस विधायक रफीक खान और अमीन कागजी ने जयपुर शहर जिला अध्यक्ष सुनील शर्मा के साथ धरना दिया। कांग्रेस नेताओं और पुलिस के बीच टकराव के बाद यह धरना शुरू हुआ। कांग्रेस नेता अर्चना शर्मा और पुष्पेंद्र भारद्वाज भी धरना स्थल पर पहुंचे। नेताओं ने मतदान प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए नारेबाजी की।
विधायक अमीन कागजी ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं को अंदर जाने दिया जा रहा था जबकि कांग्रेस नेताओं को प्रवेश करने से रोका जा रहा था।
सांसद मंजू शर्मा ने मतदान के दौरान कांग्रेस नेताओं के विरोध प्रदर्शन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता हताशा में इस तरह के कदम उठा रहे हैं। किसी ने उन्हें अपनी सीट पर बैठने से नहीं रोका था।
जयपुर में मतदान के दौरान उस समय हंगामा हुआ, जब कांग्रेस विधायक रफीक खान को कथित तौर पर परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया। इसके बाद रफीक खान की पुलिसकर्मियों से बहस हुई और वह सड़क पर धरने पर बैठ गए।
रफीक खान ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं को अंदर जाने दिया जा रहा है जबकि विधायक होने के बावजूद उन्हें प्रवेश करने से रोका जा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके लोगों को परिसर के अंदर बैठने की अनुमति क्यों दी जा रही है। जयपुर मेयर चुनाव के दौरान मुख्य गेट पर उनकी पुलिसकर्मियों से बहस भी हुई।
वहीं, नगर परिषद अध्यक्ष पद के चुनाव की मतगणना को देखते हुए जिला प्रशासन ने शुक्रवार को श्रीविजयनगर नगर पालिका क्षेत्र में पाबंदियां लागू कर दीं।
मतगणना केंद्र के बाहर भीड़ जमा होने और नतीजे घोषित होने के बाद विजय जुलूस, प्रदर्शन तथा अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों की आशंका को देखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत ये पाबंदियां लगाई गईं।
आदेश लागू रहने के दौरान विजय रैली, जुलूस, प्रदर्शन और लोगों के बेवजह इकट्ठा होने पर रोक लगाई गई। जिला मजिस्ट्रेट एवं कलेक्टर डॉ. अमित यादव ने अधिकारियों को इस आदेश का व्यापक प्रचार करने के निर्देश दिए थे।
प्रशासन ने कहा कि मतगणना के दौरान और उसके बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है।
--आईएएनएस
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