Aapka Rajasthan

अन्नामलाई ने टीवीके सरकार को दिया एक साल का समय, इसके बाद प्रशासन की गलती को करेंगे उजागर

चेन्नई, 18 अगस्त (आईएएनएस)। 'वी द लीडर्स' के प्रमुख और तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने मंगलवार को कहा कि उनका संगठन 'तमिलगा वेट्री कझगम' (टीवीके) सरकार को खुद को साबित करने के लिए एक साल का समय देगा। साथ ही, उन्होंने चेतावनी भी दी कि उस समय के बाद प्रशासन की किसी भी गलती को सबसे पहले वे ही उजागर करेंगे।
 

चेन्नई, 18 अगस्त (आईएएनएस)। 'वी द लीडर्स' के प्रमुख और तमिलनाडु भाजपा के पूर्व अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने मंगलवार को कहा कि उनका संगठन 'तमिलगा वेट्री कझगम' (टीवीके) सरकार को खुद को साबित करने के लिए एक साल का समय देगा। साथ ही, उन्होंने चेतावनी भी दी कि उस समय के बाद प्रशासन की किसी भी गलती को सबसे पहले वे ही उजागर करेंगे।

अन्नामलाई ने एग्मोर में राजारत्नम स्टेडियम के पास 'वी द लीडर्स' द्वारा आयोजित पर्यावरण जागरूकता रैली को संबोधित करते हुए ये बातें कहीं।

इस कार्यक्रम में कई लोगों ने हिस्सा लिया, जिनमें दिवंगत अभिनेता विवेक की पत्नी अरुलसेल्वी भी शामिल थीं। उन्होंने कहा कि अगस्त महीने को 20 लाख पौधे लगाने के बड़े लक्ष्य के साथ 'पर्यावरण माह' के तौर पर मनाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि हर नागरिक को आगे आना चाहिए और पर्यावरण में बदलाव लाने वाले इस अभियान का हिस्सा बनना चाहिए। संगठन की चल रही पहलों का जिक्र करते हुए अन्नामलाई ने कहा कि स्वयंसेवकों ने थामिराबरानी, ​​वैगई और कावेरी नदियों की सफाई शुरू कर दी है।

पिछले चार हफ्तों में कन्याकुमारी और थूथुकुडी के बीच समुद्र तट के 175 किलोमीटर लंबे हिस्से की भी सफाई की गई है।

उन्होंने कहा कि 'वी द लीडर्स' का मकसद अपने हर मिशन को पूरा करना और यह पक्का करना है कि लोग 365 दिनों के भीतर ठोस नतीजे देख सकें। सिर्फ 16 दिनों में पूरे तमिलनाडु में पर्यावरण से जुड़े 1,400 से ज्यादा कार्यक्रम आयोजित किए गए और लगभग 1.6 लाख किलोग्राम प्लास्टिक कचरा इकट्ठा किया गया।

सफाई कर्मचारियों के सामने आने वाली खतरनाक स्थितियों पर चिंता जताते हुए अन्नामलाई ने कहा कि कई कर्मचारी बिना सुरक्षा उपकरणों के कचरा इकट्ठा करते हैं। उन्होंने कहा कि वैगई नदी में प्रदूषण इतना ज्यादा था कि जमा हुआ कचरा हटाते समय स्वयंसेवकों को सांस लेने में भी मुश्किल हो रही थी।

अन्नामलाई ने कहा कि सार्थक राजनीतिक बदलाव तभी आ सकता है जब स्वयंसेवक और नेता सेवा की भावना के साथ सार्वजनिक जीवन में आएं।

उन्होंने बताया कि संगठन ने 73 दिनों में 20 लाख स्वयंसेवकों को जोड़ा है और अब 50 लाख सदस्यों के लक्ष्य की ओर बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि एक बार जब बदलाव के लिए प्रतिबद्ध 50 लाख लोग इस आंदोलन से जुड़ जाएंगे, तो 'वी द लीडर्स' एक राजनीतिक ताकत बन जाएगा और जन-केंद्रित राजनीति करेगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रक्रिया के लिए धैर्य की जरूरत है।

अन्नामलाई ने विकेंद्रीकृत निर्णय लेने की प्रक्रिया की भी वकालत की। उन्होंने कहा कि तमिलनाडु का भविष्य दिल्ली, फोर्ट सेंट जॉर्ज, पोएस गार्डन, पनैयूर या गोपालपुरम में बैठे नेताओं द्वारा तय नहीं किया जाना चाहिए। इसके बजाय, हर गांव और कस्बे के नेताओं की ओर से फैसले लिए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि भूजल का अत्यधिक दोहन एक गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है, हर साल उपलब्ध भूजल का 73 प्रतिशत हिस्सा निकाल लिया जाता है। इसलिए, पानी की कमी वाले देश में सूखे को रोकने के लिए झीलों और तालाबों का जीर्णोद्धार करना जरूरी है।

--आईएएनएस

डीकेएम/पीएम