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अस्पताल की लापरवाही से परेशान बेटा बीमार मां को व्हीलचेयर पर लेकर स्थानीय विधायक के घर पहुंचा

हैदराबाद, 30 सितंबर (आईएएनएस)। सरकारी अस्पताल की लापरवाही से नाराज एक बेटा अपनी बीमार मां को व्हीलचेयर पर लेकर सीधे स्थानीय विधायक के घर पहुंच गया। यह घटना मंगलवार रात तेलंगाना के मंचेरियल जिले में हुई।
 

हैदराबाद, 30 सितंबर (आईएएनएस)। सरकारी अस्पताल की लापरवाही से नाराज एक बेटा अपनी बीमार मां को व्हीलचेयर पर लेकर सीधे स्थानीय विधायक के घर पहुंच गया। यह घटना मंगलवार रात तेलंगाना के मंचेरियल जिले में हुई।

जानकारी के मुताबिक, राज कुमार नाम के युवक ने अपनी 55 वर्षीय मां बुकिया बुज्जी को व्हीलचेयर पर दो किलोमीटर तक धकेलते हुए मंचेरियल के विधायक के. प्रेमसागर राव के घर तक ले गया।

बताया जा रहा है कि महिला किडनी से जुड़ी बीमारी से पीड़ित है। वह मंडामर्री मंडल के पुलिमडुगु गांव की रहने वाली है और अपने बेटे के साथ इलाज के लिए मंचेरियल के जिला सरकारी अस्पताल आई थी।

राज कुमार ने आरोप लगाया कि अस्पताल के स्टाफ ने उसकी मां को पांच घंटे तक व्हीलचेयर पर ही इंतजार कराया। कोई भी स्टाफ उनकी बीमार मां की देखभाल के लिए आगे नहीं आया। इसी से परेशान होकर वह अपनी मां को सड़क पर व्हीलचेयर पर धकेलते हुए दो किलोमीटर दूर स्थानीय विधायक के घर ले गया ताकि विधायक का ध्यान उनकी परेशानी की ओर खींच सके।

उसने दावा किया कि उसने अस्पताल के स्टाफ से कई बार अपनी मां के लिए बेड की व्यवस्था करने और इलाज शुरू करने की गुहार लगाई, लेकिन किसी ने उसकी नहीं सुनी। पांच घंटे इंतजार करने के बाद भी अस्पताल प्रशासन की तरफ से कोई जवाब नहीं आया।

राज कुमार ने कहा कि उसने अस्पताल के अधिकारियों से कम से कम उसकी मां को करीमनगर के अस्पताल में रेफर करने की भी मांग की, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। आरोप है कि उससे कहा गया कि वह अपनी मां को प्राइवेट अस्पताल ले जाए।

उसने कहा कि उसके पास अपनी मां को विधायक के घर व्हीलचेयर पर ले जाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था ताकि विधायक हस्तक्षेप कर सकें।

मामले की जानकारी मिलने पर जिला अस्पताल के रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर (आरएमओ) तुरंत वहां पहुंचे और महिला और उसके बेटे को उचित चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया। इस आश्वासन के बाद महिला को वापस अस्पताल ले जाया गया।

अस्पताल प्रशासन ने बेड की व्यवस्था की और उसका इलाज शुरू किया। अधिकारियों ने मरीज की देखभाल में हुई लापरवाही की जांच का भी भरोसा दिया है।

--आईएएनएस

वीकेयू/पीएम