एक करोड़ उद्यमियों को बढ़ावा देगा आंध्र प्रदेश: सीएम चंद्रबाबू नायडू
विजयवाड़ा, 25 मई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने सोमवार को कहा कि सरकार 'एक परिवार-एक उद्यमी पहल के तहत एक करोड़ उद्यमियों को बढ़ावा देगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और अब तक 558 करोड़ रुपए के प्रोत्साहन राशि जारी कर चुकी है।
मुख्यमंत्री ने 38 एमएसएमई पार्कों की आधारशिला रखी।
उन्होंने 'एक परिवार-एक उद्यमी' एमएसएमई ग्रोथ समिट 2026 को संबोधित करते हुए कहा कि एमएसएमई क्षेत्र देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और युवाओं को उद्यमी बनने के लिए नवोन्मेषी सोच विकसित करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवा और महिला सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और एमएसएमई क्षेत्र युवाओं के नवोन्मेषी विचारों और सपनों को साकार करने का मार्ग प्रशस्त करता है।
चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) अकेले ही एक छोटे से विचार को एक बड़े उद्योग में बदलने की क्षमता रखते हैं और उन्होंने यह भी कहा कि कृषि के बाद यह क्षेत्र देश में रोजगार सृजन का दूसरा सबसे बड़ा क्षेत्र है।
उन्होंने शिखर सम्मेलन में बताया कि सरकार ने लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के लिए संसाधनों को अधिक सुलभ बनाया है और औद्योगिक विकास को गति देने के लिए समर्पित एमएसएमई और निजी औद्योगिक पार्क नीतियां शुरू की हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस शिखर सम्मेलन ने स्टार्टअप्स, औद्योगिक इकाइयों, विशेषज्ञों और बैंकों को एक मंच पर लाकर एक मजबूत औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण किया है।
उन्होंने उद्यमिता के महत्व पर जोर देते हुए 'एक परिवार, एक उद्यमी' पहल के तहत बड़े पैमाने पर औद्योगिक इकाइयों की स्थापना का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार निजी औद्योगिक पार्कों को भी प्रोत्साहन देगी और उन्होंने श्री सिटी को एक सफल औद्योगिक मॉडल के रूप में उद्धृत किया।
सीएम चंद्रबाबू नायडू ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण का जिक्र करते हुए कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों के पास वर्तमान में 28,000 करोड़ रुपए का कोष है और उन्होंने इस वर्ष डीडब्ल्यूसीआरए समूहों की पांच लाख महिलाओं को उद्यमी बनाने की योजना की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि रतन टाटा इनोवेशन हब के माध्यम से स्टार्टअप्स को बढ़ावा दिया जाएगा और आंध्र प्रदेश में 100 यूनिकॉर्न बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भविष्य ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था का है और उन्होंने युवाओं और उद्योगों से उभरते अवसरों को अपनाने का आह्वान किया।
उन्होंने सरकार के स्लोगन 'विलेज टू ग्लोबल मार्केट' को दोहराया और एक चक्रीय अर्थव्यवस्था की वकालत की, जिसमें एक उद्योग से निकलने वाला औद्योगिक कचरा दूसरे उद्योग के लिए कच्चा माल बन जाता है, जिससे एक मजबूत एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण में मदद मिलती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बैंकों ने लघु एवं मध्यम उद्यमों को 21 लाख करोड़ रुपए से अधिक के ऋण दिए हैं, जबकि पीएम मुद्रा, स्टैंड-अप इंडिया और विश्वकर्मा जैसी केंद्रीय योजनाएं भी उद्यमियों का समर्थन कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि आंध्र प्रदेश ने अपनी क्रेडिट गारंटी योजना के तहत 5,000 करोड़ रुपए के ऋण उपलब्ध कराने के लिए एक विशेष कार्य योजना शुरू की है और साथ ही संघर्षरत लघु एवं मध्यम उद्यमों को पुनर्जीवित करने के प्रयास भी कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने इच्छुक उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए 1 करोड़ रुपए तक के ऋण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि सरकार ने कई वैश्विक प्रौद्योगिकी कंपनियों के साथ समझौते किए हैं।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अंतरिक्ष, रक्षा और एयरोस्पेस जैसे क्षेत्रों में लघु एवं मध्यम उद्यमों को प्रमुख भूमिका निभानी चाहिए।
उन्होंने अमरावती में आने वाली उन्नत प्रौद्योगिकियों का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं और शैक्षणिक संस्थानों को क्वांटम प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाना चाहिए।
--आईएएनएस
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