आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चक्रवात प्रभावित जिलों का किया हवाई सर्वेक्षण
अमरावती, 4 नवंबर (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को चक्रवात 'मुरासु' से प्रभावित गुंटूर, बापटला और प्रकाशम जिलों का हवाई सर्वेक्षण किया।
उन्होंने अधिकारियों को करमचेडु, कोथापटनम, चिराला, चिलकलुरिपेट और पारचुर में जलभराव को दूर करने के लिए तुरंत कदम उठाने का निर्देश दिया।
बाद में आरटीजीएस में हुई एक समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने जिला कलेक्टरों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि सड़क यातायात बाधित न हो।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि एलुरु जिले के आदिवासी इलाकों में भारी बारिश जारी है। एलुरु के जिला कलेक्टर ने जानकारी दी कि कुछ क्षेत्रों में छोटे सिंचाई टैंक ओवरफ्लो हो रहे हैं।
इससे पहले, चंद्रबाबू नायडू ने केंद्र सरकार से अपील की थी कि राज्य में भीषण सूखे के कारण हुए कृषि नुकसान और लोगों की परेशानियों को देखते हुए, आंध्र प्रदेश को हर संभव मदद दी जाए।
राज्य में सूखे की स्थिति का आकलन करने आई अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम (आईएमसीटी) ने बुधवार को मुख्यमंत्री से मुलाकात की। 2 और 3 नवंबर को दो समूहों में कुरनूल, नंद्याल, अनंतपुर और श्री सत्य साईं जिलों का दौरा करने वाली इस टीम के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को सूखे के आकलन से जुड़े अपने निष्कर्षों के बारे में बताया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि जहां तटीय आंध्र प्रदेश चक्रवातों की चुनौतियों का सामना कर रहा है, वहीं रायलसीमा और कई अन्य क्षेत्र कम बारिश और 'अल नीनो' के प्रभाव के कारण भीषण सूखे की चपेट में हैं।
उन्होंने कहा कि इस आकलन से बारिश की कमी, फसलों के नुकसान, किसानों की कठिनाइयों और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों के बारे में स्पष्ट जानकारी मिली है।
मुख्यमंत्री ने आईएमसीटी सदस्यों को बताया कि इस साल राज्य में सामान्य से काफी कम बारिश हुई है, जिसके कारण लंबे समय तक सूखे की स्थिति रहने से खरीफ की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। रायलसीमा में स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक है, जहां किसान सिंचाई के पानी, पीने के पानी और चारे की कमी का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने केंद्रीय टीम का ध्यान अनंतपुर जिले की ओर दिलाया, जहां देश में दूसरी सबसे कम बारिश दर्ज की गई है।
राज्य ने 21 जिलों के 388 मंडलों को सूखा प्रभावित क्षेत्र घोषित किया है और किसानों को हुए नुकसान का आकलन करने के बाद केंद्रीय सहायता की मांग करते हुए एक रिपोर्ट पहले ही सौंप दी है।
नायडू ने कहा कि राज्य एक सप्ताह के भीतर केंद्र को सूखे की स्थिति पर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपेगा। मुख्यमंत्री ने बड़े पैमाने पर प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया और बताया कि इसके लिए जमीनी स्तर पर काफी मानव संसाधनों की जरूरत होगी। इस संबंध में, उन्होंने केंद्रीय टीम से अनुरोध किया कि वीबी-जी राम जी योजना के तहत काम के दिनों की न्यूनतम संख्या बढ़ाकर 200 दिन कर दी जाए और इसका उपयोग कृषि कार्यों के लिए करने की अनुमति दी जाए।
उन्होंने कहा कि इस कदम से कृषि मजदूरों की कमी को दूर करने में मदद मिलेगी और साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अतिरिक्त अवसर भी पैदा होंगे।
--आईएएनएस
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