अंडमान और निकोबार कमांड ने सेवानिवृत्त हो रहे अग्निवीरों के लिए आयोजित किया योग प्रशिक्षण कार्यक्रम
श्री विजय पुरम, 25 अक्टूबर (आईएनएएस)। समग्र स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अंडमान एवं निकोबार कमांड के नौसेना घटक ने श्री विजयपुरम में सेवानिवृत्त हो रहे अग्निवीरों के लिए एक विशेष योग प्रशिक्षण कार्यक्रम (योग कैप्सूल) आयोजित किया।
अंडमान और निकोबार कमांड ने एक्स पर शेयर किए एक पोस्ट में बताया कि यह सुनियोजित कार्यक्रम शारीरिक फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और सजगता (माइंडफुलनेस) को बेहतर बनाने पर केंद्रित था। इसका उद्देश्य अग्निवीरों को स्वस्थ, संतुलित और आत्मविश्वास के साथ नागरिक जीवन में प्रवेश करने के लिए आवश्यक कौशल प्रदान करना था।
कमांड के अनुसार, यह आठ सप्ताह का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयुष विंग, स्वास्थ्य सेवा निदेशालय (डीएचएस) और अंडमान एवं निकोबार राज्य आयुष सोसायटी के सहयोग से राष्ट्रीय आयुष मिशन (एनएएम) के तहत आयोजित किया गया।
इससे पहले संचालन संबंधी तैयारी और क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से अंडमान एवं निकोबार कमांड के कमांडर-इन-चीफ वाइस एडमिरल विनीत मैकार्टी ने अंडमान द्वीपसमूह के दूरस्थ क्षेत्रों (जिनमें लैंडफॉल द्वीप, ईस्ट द्वीप और आईएनएस कोहासा शामिल हैं) का दौरा किया था।
अपने दौरे के दौरान उन्होंने सैन्य तैयारियों का आकलन किया, क्षमता वृद्धि से जुड़ी पहलों की समीक्षा की और रसद (लॉजिस्टिक) व्यवस्था की स्थिति का निरीक्षण किया।
अंडमान और निकोबार कमांड ने एक्स पर बताया कि वाइस एडमिरल मैकार्टी ने कठिन परिस्थितियों में तैनात सैन्य कर्मियों से मुलाकात की और उनके उच्च स्तर के पेशेवर रवैये, कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण की सराहना की।
हाल ही में कमांड ने अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के बढ़ते रणनीतिक महत्व और हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) की अहमियत पर चर्चा के लिए एक सम्मेलन का भी आयोजन किया।
एक्स पर जारी संदेश में कमांड ने बताया कि अपनी रजत जयंती समारोह के तहत एक ‘स्ट्रैटेजिक लीडर्स कॉन्क्लेव’ आयोजित किया गया, जिसमें पूर्व कमांडर-इन-चीफ और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने हिस्सा लिया। सम्मेलन में कमांड के 25 वर्षों के सफर, प्रमुख उपलब्धियों और महत्वपूर्ण अनुभवों पर चर्चा की गई।
सम्मेलन के दौरान अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह के बढ़ते रणनीतिक महत्व, हिंद महासागर क्षेत्र की भूमिका, उभरती समुद्री चुनौतियों और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत के समुद्री हितों को आगे बढ़ाने में अंडमान एवं निकोबार कमांड की भावी भूमिका पर विचार-विमर्श किया गया।
इसके अलावा अगले 25 वर्षों के लिए कमांड की रणनीति, भविष्य की योजनाओं और प्राथमिकताओं पर भी चर्चा हुई। सम्मेलन में अंडमान एवं निकोबार कमांड को भारत की सामरिक सीमा और समुद्री शक्ति के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में मजबूत करने के संकल्प को दोहराया गया।
--आईएएनएस
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