बंगाल: अमिताभ चक्रवर्ती लगातार तीसरी बार बने भाजपा के संगठन महासचिव
कोलकाता, 24 सितंबर (आईएएनएस)। अमिताभ चक्रवर्ती को गुरुवार को लगातार तीसरी बार पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का प्रदेश संगठन महासचिव नियुक्त किया गया। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने संकेत दिया कि यह फैसला चक्रवर्ती की संगठनात्मक क्षमता पर बढ़े भरोसे को दिखाता है।
पिछले कुछ वर्षों से सतीश धोंड, चक्रवर्ती के साथ संयुक्त संगठन महासचिव के रूप में राज्य में संगठन की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
अब सतीश धोंड का तबादला महाराष्ट्र कर दिया गया है। इसके बाद पश्चिम बंगाल में संगठन की पूरी जिम्मेदारी अमिताभ चक्रवर्ती के पास होगी।
प्रदेश भाजपा के अंदरूनी सूत्रों का कहना है कि अमिताभ चक्रवर्ती की दोबारा नियुक्ति पहले से ही तय मानी जा रही थी।
पार्टी के एक अंदरूनी सूत्र ने कहा, "किसी राज्य में इस पद पर बदलाव करने के लिए पहले किसी व्यक्ति को संयुक्त संगठन सचिव के रूप में लाया जाता है। वह छह महीने या एक साल तक काम करता है और संगठन को समझता है। इसके बाद पुराने संगठन सचिव को हटाया जाता है। हालांकि, धोंड कुछ समय तक चक्रवर्ती के साथ संयुक्त संगठन सचिव रहे, लेकिन वह न तो बंगाली हैं और न ही धाराप्रवाह बंगाली बोलते हैं, इसलिए चक्रवर्ती की दोबारा नियुक्ति लगभग तय थी।"
चक्रवर्ती अब पश्चिम बंगाल के सभी 43 संगठनात्मक जिलों में पार्टी की गतिविधियों की जिम्मेदारी संभालेंगे।
उन्होंने पहली बार 2019 में संयुक्त संगठन सचिव के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी। उस समय उनका ओडिशा से पश्चिम बंगाल तबादला किया गया था। उस समय सुब्रत चटर्जी प्रदेश संगठन महासचिव थे। साल 2020 में चटर्जी को इस पद से हटाए जाने के बाद चक्रवर्ती को यह जिम्मेदारी दी गई।
चक्रवर्ती ने 2020 से 2026 तक लगातार दो कार्यकाल पूरे किए। इस दौरान 2021 और 2026 के विधानसभा चुनावों में पार्टी संगठन ने उनकी निगरानी में काम किया। ये दोनों चुनाव पश्चिम बंगाल में भाजपा के लिए बेहद महत्वपूर्ण थे।
इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में पहली बार भाजपा की सरकार बनी। इतनी बड़ी सफलता के बाद पार्टी के भीतर इस बात पर चर्चा हुई कि संगठन महासचिव को बदला जाए या नहीं।
फिलहाल, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने चक्रवर्ती पर एक बार फिर भरोसा जताते हुए उन्हें लगातार तीसरे कार्यकाल की जिम्मेदारी सौंपी है।
--आईएएनएस
एएमटी/डीकेपी
