पप्पू यादव की महिलाओं पर विवादित टिप्पणी का एनडीए और विपक्ष दोनों ने किया कड़ा विरोध, लोकसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग
नई दिल्ली, 22 अप्रैल (आईएएनएस)। पूर्णिया लोकसभा सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव को महिलाओं के खिलाफ कथित तौर पर अपमानजनक टिप्पणी करने के कारण चौतरफा विरोध का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) और विपक्षी, दोनों ही खेमों के नेता एक जैसी राय व्यक्त कर रहे हैं।
बिहार राज्य महिला आयोग ने इस संबंध में यादव को पहले ही नोटिस जारी कर दिया है और उनसे तीन दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा है।
यादव की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, "मैं इस तरह की सोच में नहीं पड़ना चाहता। मेरा और मेरी पार्टी का मानना है कि जहां महिलाओं की पूजा होती है, वहीं ईश्वर का वास होता है।"
भाजपा सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने उनकी लोकसभा सदस्यता समाप्त करने की मांग की।
खंडेलवाल ने आईएएनएस से कहा, "पप्पू यादव ने जिन शब्दों का इस्तेमाल किया, वे इतने शर्मनाक थे कि उन्हें दोहराते हुए भी मुझे शर्म महसूस हो रही है। यह हमारा देश है, जहां महिलाओं की पूजा दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती, काली और कई अन्य रूपों में की जाती है। महिलाओं के लिए उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों का लोकसभा अध्यक्ष को संज्ञान लेना चाहिए।"
महाराष्ट्र के मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा, "ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाना चाहिए, चाहे वे किसी भी पार्टी के हों। पुलिस और केंद्र और राज्य महिला आयोगों द्वारा उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। ऐसे लोगों को हमेशा के लिए जेल में डाल देना चाहिए।"
कांग्रेस के महाराष्ट्र विधायक विजय वडेट्टीवार ने कहा, "महिलाओं के खिलाफ ऐसी अनुचित भाषा का इस्तेमाल करना अक्षम्य है। नेता कोई भी हो, अगर वह ऐसी भाषा का इस्तेमाल करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए; यही कांग्रेस का रुख है।"
जदयू विधायक शालिनी मिश्रा ने कहा, "उन्होंने जो कुछ भी कहा, वह उनकी मानसिकता को दर्शाता है। इसकी निंदा करना तो बहुत छोटी बात होगी। उन्होंने न केवल बिहार की महिलाओं का, बल्कि पूरे देश की महिलाओं का अपमान किया है। उन्हें माफी मांगनी चाहिए; अन्यथा, हम सभी महिलाएं विरोध प्रदर्शन करने के लिए सड़कों पर उतर आएंगी।"
इस बीच, पूर्णिया के सांसद ने अपनी टिप्पणियों पर स्पष्टीकरण देने के लिए एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
उन्होंने कहा, "जिन महिलाओं ने अपनी मेहनत से तरक्की की है, चाहे वे डॉक्टर हों या इंजीनियर, उन्हें आगे आना चाहिए। आज भारत में 90 प्रतिशत महिलाएं हमारी बात का समर्थन कर रही हैं। जब इतनी बड़ी संख्या में महिलाएं हमारे साथ खड़ी हैं, तो फिर डर किस बात का?"
उन्होंने आगे कहा, "हमने किसी का नाम नहीं लिया; हमने सामान्य तौर पर सभी महिलाओं के बारे में बात की। हमने यह भी कहा कि बाकी बचे 10 प्रतिशत लोगों में भी अच्छे लोग हैं। तो फिर आपको इतनी ठेस क्यों पहुंची?"
--आईएएनएस
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