पश्चिम बंगाल: राज्य में सत्ताधारी पार्टी के लिए काम कर रही पुलिस: हुमायूं कबीर
कोलकाता, 24 सितंबर (आईएएनएस)। आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के चेयरमैन और विधायक हुमायूं कबीर ने गुरुवार को मुर्शिदाबाद जिले के रेजीनगर पुलिस स्टेशन के बाहर धरना दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को उपचुनाव के लिए प्रचार करने से रोकने के मकसद से गिरफ्तार कर रही है।
हुमायूं कबीर पुलिस स्टेशन के मुख्य गेट के बाहर एक कुर्सी पर बैठे थे। उन्होंने पुलिस पर भाजपा के लिए काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर हालात ऐसे ही रहे तो वे 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव के दिन भी धरना देंगे।
कबीर गुरुवार को एक कुर्सी लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि दूसरी पार्टियों के कार्यकर्ताओं को प्रचार करने की इजाजत दी गई, जबकि उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को वहां से चले जाने को कहा गया। उन्होंने आरोप लगाया कि रेजीनगर में पुलिस सत्ताधारी पार्टी के लिए काम कर रही है और उन्हें हटाने की मांग की।
हुमायूं कबीर ने कहा कि वे शुक्रवार सुबह 8 बजे तक पुलिस स्टेशन के बाहर ही रहेंगे, और उनके साथ पार्टी की एक महिला नेता भी होंगी। कबीर ने इससे पहले 13 सितंबर को शक्तिपुर पुलिस स्टेशन के बाहर भी ऐसा ही विरोध प्रदर्शन किया था।
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उपचुनाव से पहले जानबूझकर उनकी पार्टी के कई नेताओं को गिरफ्तार कर रही है। पुलिस ने शनिवार रात और रविवार सुबह के बीच रेजीनगर और शक्तिपुर में मंजूर रहमान उर्फ लेबू, हक मल्लिक और अब्दुल अलीम को गिरफ्तार किया। मोहम्मद नसीम शेख को शक्तिपुर के मियाग्राम से गिरफ्तार किया गया। नसीम को कबीर का करीबी माना जाता है। मंजूर रहमान की पत्नी बेलडांगा-2 पंचायत समिति की सदस्य हैं। हक मल्लिक पार्टी के रेजीनगर ब्लॉक उपाध्यक्ष हैं और छह क्षेत्रों का काम देखते हैं, जबकि अब्दुल दादपुर क्षेत्र के अध्यक्ष हैं। सोमवार को एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया।
कबीर ने कहा कि प्रशासन मनमाने ढंग से मेरे लोगों को गिरफ्तार कर रहा है। अगर वे चाहें तो मुझे भी गिरफ्तार कर सकते हैं।
कबीर इन गिरफ्तारियों के बारे में चुनाव आयोग को पहले ही पत्र लिख चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि बहरामपुर पुलिस जिले के सुपरिटेंडेंट सीधे तौर पर चुनावों को प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे।
उन्होंने रेजीनगर और नौदा दोनों विधानसभा क्षेत्रों से चुनाव जीता था, लेकिन बाद में रेजीनगर सीट छोड़ दी थी। वहां उपचुनाव हो रहा है, जिसमें उन्होंने अपने बेटे को उम्मीदवार बनाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी पार्टी को प्रचार करने की इजाजत नहीं दी जा रही है और पुलिस राज्य में सत्ताधारी पार्टी के लिए काम कर रही है।
--आईएएनएस
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