एआईएसए प्रमुख नेहा 7 अगस्त से शुरू होने वाले 'जेनजी राइजिंग' अभियान का नेतृत्व करेंगी
नई दिल्ली, 6 अगस्त (आईएएनएस)। वामपंथी संगठन अखिल भारतीय छात्र संघ (एआईएसए) ने गुरुवार को घोषणा की कि वह शुक्रवार से शुरू होने वाले एक महीने के 'जेनजी राइजिंग' अभियान के माध्यम से हाल ही में जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के संदेश को अन्य राज्यों तक पहुंचाएगा।
छात्र संगठन ने एक बयान में कहा कि शांतिपूर्ण 'जेनजी राइजिंग' ग्रामीण यात्रा अभियान का नेतृत्व एआईएसए की अखिल भारतीय अध्यक्ष नेहा बोरा करेंगी। इस यात्रा का उद्देश्य नीट यूजी 2026 की अनियमितताओं के मद्देनजर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाए जाने के बाद शिक्षा क्षेत्र में सुधार की मांग करना है।
नेहा ने बताया कि 7 अगस्त को रांची से शुरू होकर, वह झारखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों के विभिन्न केंद्रों का दौरा करेंगी और छात्र-युवा समुदाय के साथ संवाद करेंगी।
एआईएसए ने कहा कि वह छात्रों और युवाओं के साथ संवाद स्थापित करने और बातचीत करने के लिए झारखंड, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों के विभिन्न केंद्रों का दौरा करेंगी। एआईएसए ने कहा कि जंतर-मंतर के संदेश और युवा भारत की भावना को शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के माध्यम से आगे बढ़ाते हुए एआईएसए देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र आंदोलन को मनाने, जारी रखने और मजबूत करने के लिए 'जेनजी राइजिंग' अभियान शुरू कर रहा है।
नेहा के साथ कई अन्य भूख हड़तालियों और आंदोलन के नेताओं (दानिश अली, मनीष, आमीन, अमितोज और अन्य शामिल) भी जुड़ेंगे।
बयान में कहा गया कि एआईएसए का उद्देश्य राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी को समाप्त करने, राष्ट्रीय शिक्षा नीति को निरस्त करने और युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और रोजगार की मांग को लेकर संघर्ष को पुनर्जीवित और तीव्र करना है।
'जेनजी राइजिंग' के पहले चरण के कार्यक्रम के अनुसार, नेहा 11 अगस्त को कोलकाता, 14 अगस्त को जयपुर, 16 और 17 अगस्त को हैदराबाद, 18 अगस्त को विजयवाड़ा, 20 अगस्त को चेन्नई, 22 अगस्त को कालीकट, 23 अगस्त को बेंगलुरु, 25 अगस्त को मुंबई, 26 अगस्त को पुणे, 27 अगस्त को नागपुर और 29 अगस्त को भुवनेश्वर में कार्यक्रम का नेतृत्व करेंगी।
बयान में कहा गया है कि बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों को शामिल करने वाला कार्यक्रम बाद में जारी किया जाएगा।
एआईएसए ने कहा कि सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (सीएमआईई) का अनुमान है कि 15-29 वर्ष आयु वर्ग के 378 मिलियन भारतीयों में से 128 मिलियन लोग नौकरी मिलने पर काम करेंगे, लेकिन केवल 83 मिलियन ही कार्यरत हैं।
बयान में कहा गया कि बेरोजगारी दर 35 प्रतिशत तक पहुंच गई है! इसी तरह, सात साल पहले 20-24 आयु वर्ग के शहरी बेरोजगारी दर 45 प्रतिशत थी। आज यह 50 प्रतिशत से भी अधिक हो गई है। उस समय 25-29 आयु वर्ग के बेरोजगारी दर 15 प्रतिशत थी। अब यह 20 प्रतिशत से भी अधिक है।
--आईएएनएस
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