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एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2025-26 में हुआ 2.8 अरब डॉलर का घाटा, सहयोगी सिंगापुर एयरलाइंस पर भी पड़ा असर

नई दिल्ली, 14 मई (आईएएनएस)। गुरुवार को जारी सिंगापुर एयरलाइंस की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2025-26 में 2.8 अरब डॉलर का भारी घाटा हुआ है।
 
एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2025-26 में हुआ 2.8 अरब डॉलर का घाटा, सहयोगी सिंगापुर एयरलाइंस पर भी पड़ा असर

नई दिल्ली, 14 मई (आईएएनएस)। गुरुवार को जारी सिंगापुर एयरलाइंस की वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया को वित्त वर्ष 2025-26 में 2.8 अरब डॉलर का भारी घाटा हुआ है।

सिंगापुर एयरलाइंस ग्रुप ने मार्च 2026 को समाप्त वित्त वर्ष के लिए शुद्ध लाभ में 57.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की, और यह घटकर 1.184 अरब सिंगापुर डॉलर (एसजीडी) रह गया। कंपनी ने कहा कि एयर इंडिया में उसकी 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी है और एयर इंडिया के घाटे का असर समूह के कुल मुनाफे पर पड़ा है।

रिपोर्ट के मुताबिक, एयर इंडिया को मार्च 2026 तक के 12 महीनों में 3.56 अरब सिंगापुर डॉलर यानी मौजूदा विनिमय दर के हिसाब से करीब 2.80 अरब डॉलर का नुकसान हुआ।

इसके मुकाबले, सिंगापुर एयरलाइंस ग्रुप ने वित्त वर्ष 2024-25 में 2.778 अरब सिंगापुर डॉलर का शुद्ध लाभ दर्ज किया था।

सिंगापुर एयरलाइंस ग्रुप ने कहा कि वह एयर इंडिया में अपनी 25.1 प्रतिशत हिस्सेदारी को लेकर प्रतिबद्ध है और इसे अपनी लंबी अवधि की मल्टी-हब रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानता है।

कंपनी के अनुसार, यह रणनीतिक निवेश उसे दुनिया के सबसे बड़े और तेजी से बढ़ते विमानन बाजारों में सीधी हिस्सेदारी देता है, जिससे उसके सिंगापुर हब को मजबूती मिलती है और दीर्घकालिक विकास में मदद मिलेगी।

एयरलाइन ने एक प्रेस बयान में कहा कि समूह का शुद्ध लाभ 1.594 अरब सिंगापुर डॉलर यानी 57.4 प्रतिशत घटा। इसकी बड़ी वजह नवंबर 2024 में एयर इंडिया-विस्तारा विलय पूरा होने पर मिले 1.098 अरब सिंगापुर डॉलर के गैर-नकद लेखा लाभ का इस बार न होना रहा।

कंपनी ने कहा कि पिछले वर्ष सहयोगी कंपनियों से लाभ मिला था, लेकिन इस बार 846 मिलियन सिंगापुर डॉलर का नुकसान दर्ज किया गया। इसकी वजह यह रही कि इस बार समूह ने एयर इंडिया के पूरे साल के घाटे को अपनी बैलेंस शीट में शामिल किया, जबकि पिछले वर्ष केवल चार महीनों का प्रभाव शामिल था।

घाटे में चल रही एयर इंडिया को पिछले कुछ महीनों में कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द करनी पड़ी हैं। पाकिस्तान के एयरस्पेस बंद होने और पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर एयरलाइन की पुनरुद्धार योजनाओं पर पड़ा है।

नागर विमानन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल में भारत में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की हवाई यात्री संख्या में मार्च की तुलना में गिरावट दर्ज की गई।

पश्चिम एशिया संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में तेज गिरावट आई है। वहीं, जेट ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी से परिचालन लागत भी बढ़ गई है, जिससे एयरलाइन की स्थिति और मुश्किल हो गई है।

भारत में घरेलू हवाई यात्री संख्या अप्रैल में 140.8 लाख रही, जो सालाना और मासिक आधार पर 4 प्रतिशत कम है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय यातायात में मार्च की तुलना में 20 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई और यात्रियों की संख्या घटकर 28.3 लाख रह गई।

--आईएएनएस

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