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एआई, क्वांटम, परमाणु और अंतरिक्ष तकनीक भारत को बनाएंगी वैश्विक महाशक्ति: डॉ. जितेंद्र सिंह

नई दिल्ली, 26 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत तेजी से अत्याधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में एक बड़ी ताकत बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), परमाणु, अंतरिक्ष और क्वांटम तकनीक आने वाले समय की आर्थिक प्रगति और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दिशा तय करेंगी।
 

नई दिल्ली, 26 जून (आईएएनएस)। केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को कहा कि भारत तेजी से अत्याधुनिक तकनीकों के क्षेत्र में एक बड़ी ताकत बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), परमाणु, अंतरिक्ष और क्वांटम तकनीक आने वाले समय की आर्थिक प्रगति और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दिशा तय करेंगी।

राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक मीडिया सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 में शुरू किए गए राष्ट्रीय क्वांटम मिशन (एनक्यूएम) ने केवल तीन वर्षों में अपने तय लक्ष्यों में से आधे से अधिक हासिल कर लिए हैं। क्वांटम आधारित सुरक्षित संचार (क्वांटम सिक्योर कम्युनिकेशन) के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति हुई है, जिसका उपयोग रक्षा, रणनीतिक संचार, साइबर सुरक्षा और संवेदनशील सूचनाओं की सुरक्षा में किया जा सकता है।

उन्होंने कहा, "भारत आज उस मुकाम पर पहुंच चुका है, जहां वह कई महत्वपूर्ण तकनीकी क्षेत्रों में दुनिया के अग्रणी देशों के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। साथ ही ऐसी क्षमताएं विकसित कर रहा है, जो आने वाले समय में आर्थिक विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा और वैश्विक प्रतिस्पर्धा की दिशा तय करेंगी।"

डॉ. सिंह ने कहा कि अंतरिक्ष, परमाणु और क्वांटम तकनीक भविष्य की विश्व व्यवस्था को आकार देने में निर्णायक भूमिका निभाएंगी। ये तकनीकें केवल आर्थिक विकास ही नहीं, बल्कि रणनीतिक ताकत और भू-राजनीतिक स्थिति को भी प्रभावित करेंगी।

उन्होंने कहा कि जो देश इन तकनीकों में पीछे रह जाएंगे, वे विकास और सुरक्षा दोनों मामलों में पिछड़ने का जोखिम उठाएंगे।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर बोलते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि एआई अब हर क्षेत्र के लिए एक जरूरी उपकरण बनता जा रहा है। आने वाले समय में इसका प्रभाव शासन, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य, अनुसंधान और सार्वजनिक सेवाओं पर और अधिक बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि भारत डिजिटल बुनियादी ढांचे, कंप्यूटिंग क्षमता, डेटा संसाधनों और भरोसेमंद ऊर्जा प्रणालियों में निवेश करके इस पूरे तकनीकी इकोसिस्टम को लगातार मजबूत कर रहा है।

डॉ. सिंह ने कहा कि आधुनिक दुनिया में तकनीकी प्रगति ही विकास की सबसे बड़ी ताकत बन चुकी है और कोई भी देश नवाचार तथा अत्याधुनिक तकनीकों को अपनाए बिना लंबे समय तक विकास नहीं कर सकता।

उन्होंने कहा कि भारत लोकतांत्रिक मूल्यों, समावेशी विकास और सामाजिक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखते हुए इस तकनीकी परिवर्तन को आगे बढ़ा रहा है।

उन्होंने कहा कि उन्नत कंप्यूटिंग, डेटा सेंटर और डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए मजबूत और भरोसेमंद ऊर्जा स्रोतों की आवश्यकता होगी।

इस संदर्भ में उन्होंने कहा कि भारत की तकनीक-आधारित विकास यात्रा को गति देने और स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन को आगे बढ़ाने में परमाणु ऊर्जा की भूमिका आने वाले समय में और अधिक महत्वपूर्ण होगी।

--आईएएनएस

डीबीपी