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गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने विजय रूपाणी को दी श्रद्धांजलि, उनके नेतृत्व को 'यादगार' बताया

गांधीनगर/अहमदाबाद, 12 जून (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने रूपाणी के नेतृत्व, जनसेवा और राज्य में उनके योगदान को याद किया, जबकि प्रदेश के नेताओं ने भी उन्हें याद करते हुए संदेश दिए।
 
गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने विजय रूपाणी को दी श्रद्धांजलि, उनके नेतृत्व को 'यादगार' बताया

गांधीनगर/अहमदाबाद, 12 जून (आईएएनएस)। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने रूपाणी के नेतृत्व, जनसेवा और राज्य में उनके योगदान को याद किया, जबकि प्रदेश के नेताओं ने भी उन्हें याद करते हुए संदेश दिए।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री ने लिखा, "गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजयभाई रूपाणी की पुण्यतिथि पर मैं उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। स्वर्गीय विजयभाई का सौम्य, संवेदनशील और सरल व्यक्तित्व, गुजरात की विकास यात्रा में उनका पारदर्शी और निर्णायक नेतृत्व, उनके योगदान और साथ ही गुजरात भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के तौर पर उनके कार्य हमेशा यादगार रहेंगे।"

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने भी रूपाणी की पहली पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

विश्वकर्मा ने एक्स पर लिखा, "गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री, भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेता स्वर्गीय विजयभाई रूपाणी की पहली पुण्यतिथि पर हम उन्हें कोटि-कोटि नमन और भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। संगठन को मजबूत करने और गुजरात के विकास को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनकी सादगी और जन-कल्याण के लिए किए गए कार्य सदैव हमारा मार्गदर्शन करते रहेंगे।"

गुजरात के मुख्यमंत्री (2016-2021) रहे विजय रूपाणी की मौत पिछले साल 12 जून को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-171 के क्रैश होने से हो गई थी।

सरकारी रिपोर्ट के मुताबिक, लंदन जा रहा बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर विमान मेघानी नगर इलाके में बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल कॉम्प्लेक्स से टकराकर क्रैश हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार 242 लोगों में से 241 और जमीन पर मौजूद 19 लोगों की मौत हो गई थी।

यह हादसा हाल के सालों में भारत के सबसे घातक हवाई हादसों में से एक था, जिससे पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गई। इमरजेंसी टीमों ने बड़े पैमाने पर बचाव और पहचान का काम किया।

इस हादसे में बचने वाले एकमात्र व्यक्ति ब्रिटिश नागरिक विश्वास कुमार रमेश थे, जो सीट 11 ए से बाहर निकलने में कामयाब रहे।

बाद में अधिकारियों ने पुष्टि की कि बुरी तरह जलने और टक्कर से हुए नुकसान के कारण कई पीड़ितों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट की जरूरत थी और रिकवरी व जांच के काम के लिए सैकड़ों कर्मचारियों को तैनात किया गया था।

इस हादसे में मारे गए लोगों में रूपाणी भी शामिल थे, जिनकी पहचान बाद में डीएनए एनालिसिस के ज़रिए की गई।

एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो अभी भी हादसे की वजह की जांच कर रहा है। शुरुआती जांच में तकनीकी और ऑपरेशनल कारणों की ओर इशारा मिला था, लेकिन अभी तक कोई अंतिम नतीजा जारी नहीं किया गया है।

इस हादसे के बाद दुर्घटना वाली जगह पर लंबे समय के लिए बदलाव भी हुए। हादसे के बाद राज्य सरकार की रीडेवलपमेंट योजनाओं के तहत, बीजे मेडिकल कॉलेज के क्षतिग्रस्त हॉस्टल कॉम्प्लेक्स को एक बड़ी सुविधा के तौर पर फिर से बनाने का फैसला किया है।

--आईएएनएस

ओपी/एएस