तेलंगाना विधानसभा सत्र से पहले, कांग्रेस ने केसीआर के इस्तीफे की मांग की
हैदराबाद, 6 सितंबर (आईएएनएस)। तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस कमेटी (टीपीसीसी) ने रविवार को इंदिरा पार्क में भारत राष्ट्र समिति (बीआरएस) के अध्यक्ष के. चंद्रशेखर राव के विपक्ष के नेता और विधायक पद से इस्तीफे की मांग को लेकर 'महा धरना' दिया।
मंत्रियों समेत कांग्रेस नेताओं ने केसीआर की आलोचना करते हुए कहा कि वे वेतन और भत्ते तो ले रहे हैं, लेकिन विधानसभा सत्र में शामिल नहीं हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री जनता के पैसे का दुरुपयोग कर रहे हैं, लेकिन जनता से दूर रह रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि पूर्व मुख्यमंत्री केसीआर विधानसभा सत्र में एक हजार दिनों से अनुपस्थित रहने, विपक्ष के नेता के रूप में अपनी जिम्मेदारियों की उपेक्षा करने और अपने निर्वाचन क्षेत्र की जनता से दूर रहने के कारण विधायक पद से इस्तीफा दें।
उन्होंने आरोप लगाया कि केसीआर अपने फार्महाउस में रहते हुए और विधानसभा सत्र में शामिल न होते हुए 1.32 करोड़ रुपए वेतन ले रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा और बुलेटप्रूफ वाहनों पर सरकारी खजाने से 21 करोड़ रुपए खर्च किए गए हैं।
मंत्री पोन्नम प्रभाकर, डी. श्रीधर बाबू, मोहम्मद अजहरुद्दीन, सरकारी सलाहकार हनुमंत राव, वरिष्ठ नेता जग्गा रेड्डी और अन्य लोगों ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।
सोमवार से शुरू हो रहे विधानसभा के मानसून सत्र से पहले 'महा धरना' आयोजित किया गया।
परिवहन और बीएससी कल्याण मंत्री पोन्नम प्रभाकर ने कहा कि जो व्यक्ति जनता के मुद्दों पर ध्यान नहीं देता, उसका विधायक बने रहना उचित नहीं है।
उद्योग और आईटी मंत्री डी. श्रीधर बाबू ने बीआरएस नेताओं की सड़कों पर भाषण देने और विधानसभा में उपस्थित न होने के लिए आलोचना की। उन्होंने कहा कि अगर वे विधानसभा में उपस्थित होकर मुद्दे उठाते हैं तो कांग्रेस जवाब देगी।
उन्होंने कहा कि 10 साल तक मुख्यमंत्री रहे केसीआर को विधानसभा में उपस्थित होकर अपने अनुभव साझा करने चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया पर विपक्षी दलों के दुष्प्रचार अभियान का मुकाबला करने का आह्वान किया। उन्होंने उनसे पूछा कि क्या केवल कांग्रेस कार्यकर्ता ही आरटीसी बसों में मुफ्त यात्रा योजना का लाभ उठा रहे हैं?
श्रीधर बाबू ने कहा कि कांग्रेस सरकार गरीबों को प्रति माह 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली भी दे रही है। उन्होंने कहा कि बीआरएस सरकार ने 10 वर्षों तक राशन कार्ड जारी नहीं किए, और पूछा कि क्या बीआरएस और भाजपा कार्यकर्ताओं को राशन कार्ड नहीं मिले हैं और क्या उन्हें उत्तम गुणवत्ता का मुफ्त चावल नहीं मिल रहा है?
उन्होंने दावा किया कि सरकार ने किसानों के बैंक खातों में 16 लाख करोड़ रुपए जमा किए हैं और कहा कि अगले चुनावों तक कांग्रेस पार्टी छह वादों को पूरी तरह से लागू करेगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार को बीआरएस सरकार से 8 लाख करोड़ रुपए का कर्ज विरासत में मिला है और कहा कि मूलधन और ब्याज चुकाते हुए कांग्रेस सरकार कल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही है।
श्रीधर बाबू ने चेतावनी दी कि अगर बीआरएस नेता अपना रवैया नहीं बदलते हैं, तो उन्हें अगले 10 वर्षों तक सड़कों पर ही रहना पड़ेगा।
--आईएएनएस
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