जम्मू में ड्रग विरोधी अभियान, हिरासत में 18 लोग; अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा योजना पर बैठक
जम्मू, 24 जून (आईएएनएस)। जम्मू जिले में पुलिस ने नशे से जुड़े संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जबकि रियासी जिले में अमरनाथ यात्रा की तैयारियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की बैठक आयोजित की गई।
जम्मू पुलिस ने बुधवार को बताया कि नशा मुक्त अभियान के तहत नशीले पदार्थों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए दक्षिण जोन पुलिस ने गांधीनगर की वाल्मीकि कॉलोनी में विशेष सर्च और कॉर्डन ऑपरेशन चलाया। यह कार्रवाई गांजा बेचने की सूचना मिलने के बाद की गई थी।
इस अभियान के दौरान 250 से अधिक घरों की तलाशी ली गई और 18 संदिग्धों को पूछताछ और सत्यापन के लिए हिरासत में लिया गया।
यह ऑपरेशन एसपी साउथ जोन जम्मू के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा सुनियोजित तरीके से चलाया गया, जिसका उद्देश्य इलाके में सक्रिय नशा तस्करों और असामाजिक तत्वों की पहचान कर उनकी गतिविधियों को रोकना था।
पुलिस ने कहा कि उनका लक्ष्य नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करना है और इसके लिए लोगों से भी अपील की गई है कि वे नशा तस्करी से जुड़ी जानकारी पुलिस को दें।
इसी बीच रियासी जिले में आगामी अमरनाथ यात्रा, कौसर नाग यात्रा और श्री बुद्धा अमरनाथ यात्रा को ध्यान में रखते हुए जिला पुलिस लाइन में एक सब्सिडियरी मल्टी एजेंसी सेंटर बैठक हुई।
इस बैठक की अध्यक्षता एसएसपी रियासी मुकुंद तिबरेवाल ने की, जिसमें पुलिस, सेना, सीआरपीएफ, सीआईएसएफ, बीएसएफ, जेकेएपी और खुफिया एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। एसएचओ स्तर के अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से जुड़े।
बैठक में सुरक्षा स्थिति और यात्राओं की सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सुचारू व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
अधिकारियों ने कानून-व्यवस्था, आतंकवाद-रोधी उपाय, ओवरग्राउंड वर्कर्स की निगरानी, आतंकियों और लापता युवाओं पर नजर, कट्टरपंथ रोकथाम और खुफिया आधारित कार्रवाई जैसे मुद्दों पर विचार किया।
एसएसपी ने यात्रा मार्गों, संवेदनशील क्षेत्रों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों जैसे चिनाब ब्रिज, अंजी ब्रिज और रेलवे संरचनाओं की सुरक्षा मजबूत करने के निर्देश दिए।
उन्होंने नियमित मॉक ड्रिल करने, संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने और सीमावर्ती गांवों के लोगों से संवाद बढ़ाने पर जोर दिया।
सुरक्षा एजेंसियों को गांव रक्षा समूहों के प्रशिक्षण और फायरिंग अभ्यास में सहयोग देने के निर्देश भी दिए गए।
साथ ही पीआईओ (पाकिस्तान से जुड़े फोन कॉल) के खतरे को देखते हुए सतर्क रहने और किसी भी संवेदनशील जानकारी को साझा न करने की हिदायत दी गई।
एसएसपी ने सीसीटीवी कैमरों की जांच, ड्रोन जैसी तकनीकों के उपयोग, यात्रा मार्गों पर सुरक्षा बढ़ाने, एसओपी का पालन और यात्रियों को जागरूक करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने मानसून के दौरान आपात स्थिति से निपटने के लिए एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों को तैयार रहने को कहा तथा यात्रा में शामिल घोड़ा-खच्चर चालकों के सत्यापन करने के निर्देश दिए।
एसएसपी ने कहा कि सुरक्षा में किसी भी तरह की लापरवाही की कोई गुंजाइश नहीं है और सभी एजेंसियों को मिलकर सतर्कता और समन्वय के साथ काम करना होगा।
बैठक के अंत में सभी एजेंसियों ने मिलकर सुरक्षा तैयारियों को और मजबूत करने का संकल्प लिया।
--आईएएनएस
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