चीन की यात्रा से पहले ट्रंप ने संबंधों और प्रतिद्वंद्विता पर दिया जोर
वॉशिंगटन, 28 मार्च (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह जल्द ही चीन की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अपने मजबूत व्यक्तिगत संबंधों को रेखांकित किया। साथ ही यह भी जोर दिया कि अमेरिका व्यापार और आर्थिक नीति के मुद्दों पर बीजिंग के साथ प्रतिस्पर्धा जारी रखे हुए है।
ट्रंप ने मियामी में फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव शिखर सम्मेलन में बोलते हुए कहा कि उनके शी जिनपिंग के साथ करीबी संबंध हैं। उन्होंने कहा, “मैं उनके साथ बहुत अच्छी तरह से निभाता हूँ,” और टिकटॉक से जुड़े एक समझौते सहित कई मुद्दों पर सहयोग का जिक्र किया।
ट्रम्प ने कहा कि उन्होंने व्यक्तिगत रूप से शी जिनपिंग से इस सौदे को मंजूरी देने का अनुरोध किया था, जब अन्य प्रस्ताव खारिज हो गए थे। “मैंने राष्ट्रपति शी को फोन किया… ‘क्या आप मेरे लिए एक एहसान करेंगे? क्या आप इसे मंजूरी देंगे’… ट्रंप ने बताया कि उन्होंने कहा, ‘ठीक है, मैं कर दूंगा।’
उन्होंने कहा कि यह सौदा दोनों देशों के लिए फायदेमंद है क्योंकि इसमें शामिल निवेशकों के चीन में बड़े व्यावसायिक हित हैं। उन्होंने इस परिणाम का श्रेय चीनी नेतृत्व के साथ सीधे संवाद को दिया।
साथ ही, ट्रम्प ने संबंधों के प्रतिस्पर्धात्मक पहलू पर भी जोर दिया, खासकर व्यापार के क्षेत्र में। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान लगाए गए टैरिफ का जिक्र करते हुए कहा कि वे एक समय 145 प्रतिशत तक पहुंच गए थे।
उन्होंने कहा, “एक समय ये 145 प्रतिशत तक थे… मैं थोड़ा ज्यादा आगे बढ़ गया था,” और जोड़ा कि बाद में इन दरों को कम कर दिया गया।
ट्रम्प ने कहा कि अब दोनों देश बहुत अच्छे तरीके से प्रतिस्पर्धा करते हैं जबकि एक “बेहतरीन व्यापारिक संबंध” भी बनाए रखते हैं।
उन्होंने चीन की आर्थिक ताकत को भी स्वीकार किया। उन्होंने कहा, “आपको चीन के काम के लिए बहुत सम्मान होना चाहिए…वे कितनी अच्छी तरह से निर्माण करते हैं।”
ट्रंप ने बताया कि चीन की विनिर्माण क्षमता बहुत बड़ी है, खासकर ऑटोमोबाइल क्षेत्र में उच्च उत्पादन के साथ।
राष्ट्रपति ने आने वाले हफ्तों में चीन की यात्रा की योजना की पुष्टि की और कहा कि यह यात्रा सैन्य अभियानों के कारण कुछ हफ्तों के लिए टाल दी गई थी। उन्होंने कहा, “हाँ, मैं जाऊंगा… हमने इसे कुछ हफ्तों के लिए टाल दिया।”
उन्होंने इस यात्रा को बीजिंग के साथ निरंतर जुड़ाव का हिस्सा बताया, भले ही दोनों देश आर्थिक प्रतिद्वंद्वी बने हुए हैं।
ट्रम्प ने अमेरिका को दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्था बताते हुए कहा कि यह “दुनिया का सबसे गर्म (सबसे मजबूत) देश” बना हुआ है।
अमेरिका व चीन व्यापार और निवेश के माध्यम से गहराई से जुड़े हुए हैं। हालांकि टैरिफ, तकनीक और बाजार पहुंच को लेकर तनाव जारी है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर उनके संबंधों के प्रभाव को देखते हुए, दोनों देश प्रतिस्पर्धा को नियंत्रित करने और तनाव बढ़ने से रोकने के लिए उच्च-स्तरीय वार्ता जारी रखे हुए हैं।
--आईएएनएस
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