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ममता बनर्जी को फिर लगा जोरदार झटका, चंद्रिमा भट्टाचार्य बागी टीएमसी गुट में शामिल

कोलकाता, 4 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। राज्य की पूर्व वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य ने शनिवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया और तुरंत निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट में शामिल हो गईं।
 

कोलकाता, 4 जुलाई (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को बड़ा झटका लगा है। राज्य की पूर्व वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य ने शनिवार को पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया और तुरंत निष्कासित विधायक ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट में शामिल हो गईं।

पूर्व सीएम ममता बनर्जी को अपना इस्तीफा सौंपने और पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने की घोषणा करने के तुरंत बाद भट्टाचार्य सीधे विधानसभा गईं और ऋतब्रत और 'बागी लेकिन बहुमत वाले' गुट के अन्य विधायकों के साथ बैठक में शामिल हुईं।

विधायकों के बागी खेमे के साथ बैठक के बारे में पूछे जाने पर हाल ही में संपन्न पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में पराजित हुईं भट्टाचार्य ने कहा कि अंततः सभी को समय की आवश्यकता के अनुसार यात्रा करनी पड़ती है।

मीडिया से बात करते हुए उन्होंने एक सनसनीखेज आरोप लगाया कि वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के रूप में पश्चिम बंगाल विधानसभा में हर साल राज्य बजट पेश करने के बावजूद, बजट तैयार करने में उनसे कभी सलाह नहीं ली गई और न ही उन्हें इसमें शामिल किया गया।

भट्टाचार्य ने कहा कि बजट पेश करने से एक दिन पहले तक मुझे भी यह नहीं पता था कि बजट भाषण में क्या होगा। विधानसभा में पेश करने से कुछ घंटे पहले ही मुझे बजट की जानकारी दी गई। मैं ममता बनर्जी के प्रति वफादार थी, इसलिए मैंने कभी इसका खुलासा नहीं किया। अब चूंकि मेरी वफादारी पर सवाल उठ रहे हैं और ममता बनर्जी मुझे शुक्रवार को पार्टी कार्यालय पर कब्जे के लिए जिम्मेदार ठहरा रही हैं, इसलिए मेरे पास पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।

उन्होंने यह भी कहा कि हालांकि वह अब और भी खुलासा कर सकती थीं, लेकिन राज्य की पूर्व सदस्य होने के नाते उन्होंने गोपनीयता की शपथ ली थी, इसलिए वह जानबूझकर ऐसा करने से बच रही थीं।

इस घटनाक्रम पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए तृणमूल विधायक कुणाल घोष ने कहा कि अगर कोई गद्दारों से हाथ मिलाने का फैसला करता है, तो उस फैसले पर कुछ कहने की जरूरत नहीं रह जाती।

घोष ने सवाल किया कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पिछली कैबिनेट में चंद्रिमा भट्टाचार्य को अधिकतम और सबसे महत्वपूर्ण पोर्टफोलियो आवंटित किए गए थे। क्या उन्हें तब गर्व नहीं हुआ था? पार्टी की हार के बाद उन्होंने अब पार्टी क्यों छोड़ी?

--आईएएनएस

एमएस/