आंध्र प्रदेश में ईंधन बचत की पहल तेज, सीएम के बाद मंत्रियों ने भी घटाया अपना काफिला
अमरावती, 14 मई (आईएएनएस)। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू और उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण के बाद, राज्य के सूचना एवं मानव संसाधन विकास मंत्री नारा लोकेश और अन्य मंत्रियों ने भी पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के मद्देनजर ईंधन संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद अपने काफिलों को कम करने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री नायडू के पुत्र और मंत्री नारा लोकेश ने गुरुवार को अपने सुरक्षा कर्मचारियों को अपने काफिले में वाहनों की संख्या में 50 प्रतिशत की कमी करने का निर्देश दिया। इस फैसले का मतलब यह होगा कि उनके काफिले में केवल दो वाहन होंगे।
बुधवार को पुलिस महानिदेशक हरीश कुमार गुप्ता और अन्य अधिकारियों के साथ हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायडू ने उन्हें जिला दौरों के दौरान अपने काफिले में वाहनों की संख्या आधी करने का निर्देश दिया।
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य वीआईपी को आधिकारिक कार्यक्रमों और दौरों के दौरान वाहनों का उपयोग कम से कम करने का निर्देश भी दिया।
मुख्यमंत्री के इस फैसले के बाद उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने भी इसी तरह की घोषणा की। उन्होंने अपने सुरक्षाकर्मियों को अपने आधिकारिक काफिले में वाहनों की संख्या 50 प्रतिशत कम करने का निर्देश दिया। उन्होंने यह भी फैसला किया है कि जिलों के दौरे के दौरान उनके काफिले में वाहनों की संख्या आधी कर दी जाएगी।
उपमुख्यमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान के अनुसार, पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के मद्देनजर प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों को सलाह दी कि वे ऊर्जा संसाधनों का समझदारी से उपयोग करें और वे स्वयं भी इनका पालन कर रहे हैं। उपमुख्यमंत्री ने राज्य में भी इसी भावना को कायम रखने का संकल्प लिया है।
पवन कल्याण के अलावा, केंद्रीय संचार राज्यमंत्री पेम्मासानी चंद्रशेखर ने भी ऐसा ही किया है। उन्होंने भी अपनी आधिकारिक यात्राओं के दौरान प्रोटोकॉल अधिकारियों और वाहनों की संख्या कम करने का निर्णय लिया है।
बुधवार को एक जनसभा में मुख्यमंत्री नायडू ने फिजूलखर्ची पर अंकुश लगाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बड़े काफिलों में यात्रा करना आजकल सभी के लिए एक प्रमुख चलन बन गया है।
उन्होंने कहा कि जन प्रतिनिधियों को अपने काफिलों का आकार कम करके एक उदाहरण पेश करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को भी कम किया जाना चाहिए और यह विवेकपूर्ण और उद्देश्यपूर्ण होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री की अपील का जवाब देते हुए कई राज्य मंत्रियों ने भी अपने काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी है। एक उदाहरण पेश करते हुए, सिंचाई मंत्री निम्मला रामनैदु गुरुवार को बिना किसी सुरक्षा वाहन के मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास पर आईं।
मंत्री अनीता, संध्या रानी, पी. केशव, कोल्लू रविंद्र, सविता और अन्य मंत्री भी कम वाहनों के साथ वहां पहुंचे।
इस बीच, प्रधानमंत्री द्वारा की गई अपील के अनुरूप और अधिक मितव्ययिता उपायों पर चर्चा और निर्णय लेने के लिए कैबिनेट की बैठक निर्धारित है। मंत्रिमंडल आंध्र प्रदेश राज्य की संसाधन संरक्षण और आत्मनिर्भरता संबंधी कार्य योजना पर चर्चा करेगा। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा प्रस्तावित इस कार्य योजना में ईंधन संरक्षण, सार्वजनिक परिवहन, ऊर्जा दक्षता, घरेलू पर्यटन, प्राकृतिक कृषि, स्वदेशी प्रोत्साहन, व्यवहार परिवर्तन पहल और संबंधित क्षेत्रीय हस्तक्षेपों से जुड़े उपाय शामिल हैं।
--आईएएनएस
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