अफगानिस्तान लौट रहे शरणार्थियों पर तालिबान और यूएनएचसीआर के बीच चर्चा, सहयोग बढ़ाने पर जोर
काबुल, 6 सितंबर (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के विदेश मंत्री आमिर खान मुत्ताकी ने संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी उच्चायुक्त (यूएनएचसीआर) के अफगानिस्तान प्रतिनिधि अराफात जमाल से मुलाकात कर अफगान शरणार्थियों की स्वदेश वापसी और उनके पुनर्वास को लेकर चर्चा की।
अफगानिस्तान के विदेश मंत्रालय के बयान के अनुसार, दोनों पक्षों ने तालिबान सरकार और यूएनएचसीआर के बीच सहयोग एवं समन्वय को मजबूत करने पर जोर दिया, ताकि लौटने वाले शरणार्थियों को बेहतर सहायता और पुनर्वास सुविधाएं मिल सकें।
बैठक में उन देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई, जो अफगान शरणार्थियों की वापसी और पुनर्स्थापन में सहयोग कर रहे हैं।
यह बैठक ऐसे समय हुई है जब अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां पड़ोसी देशों से अफगान शरणार्थियों की बढ़ती निर्वासन कार्रवाई पर चिंता जता रही हैं और उनकी सुरक्षित व सम्मानजनक वापसी की मांग कर रही हैं।
तालिबान के उप-प्रवक्ता हमदुल्लाह फितरत ने बताया कि शनिवार को पाकिस्तान और ईरान से 201 अफगान परिवारों के कुल 1,002 लोग अफगानिस्तान लौटे।
रिपोर्ट के अनुसार, तोरखम सीमा से 105 परिवारों के 571 लोग लौटे। स्पिन बोल्डक सीमा से 5 परिवारों के 30 लोग लौटे। निमरोज प्रांत के सिल्क ब्रिज से 81 परिवारों के 353 लोग वापस आए। इस्लाम काला सीमा से 10 परिवारों के 48 लोगों की वापसी हुई।
तालिबान प्रशासन के अनुसार, 121 परिवारों के 692 लोगों को अफगानिस्तान के विभिन्न प्रांतों में बसाया गया। वहीं 132 परिवारों को सहायता और 114 परिवारों को सिम कार्ड उपलब्ध कराए गए।
मानवाधिकार संगठन एमनेस्टी इंटरनेशनल ने 20 जून को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अफगान शरणार्थियों के कथित गैरकानूनी निर्वासन को रोकने की अपील की थी।
संगठन का कहना है कि मेजबान देशों में अफगान शरणार्थियों को मनमानी गिरफ्तारियों और परिवारों से अलग किए जाने का सामना करना पड़ रहा है, जबकि अफगानिस्तान लौटने पर उन्हें गंभीर मानवीय और मानवाधिकार संकट का सामना करना पड़ता है।
--आईएएनएस
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