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अफगानिस्तान में पुराने युद्ध का ब‍िना फटा बम अचानक फटने से क‍िशोर घायल

काबुल, 3 जून (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के पूर्वी गजनी प्रांत में मंगलवार को बम फटने से एक किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। यह जानकारी प्रांतीय पुलिस कार्यालय ने बुधवार को दी।
 
अफगानिस्तान में पुराने युद्ध का ब‍िना फटा बम अचानक फटने से क‍िशोर घायल

काबुल, 3 जून (आईएएनएस)। अफगानिस्तान के पूर्वी गजनी प्रांत में मंगलवार को बम फटने से एक किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया। यह जानकारी प्रांतीय पुलिस कार्यालय ने बुधवार को दी।

समाचार एजेंसी स‍िन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना गिलान जिले में हुई। लड़के को एक खिलौने जैसी दिखने वाली चीज मिली थी और वह उससे खेलने लगा। तभी वह वस्तु अचानक फट गई और लड़का गंभीर रूप से घायल हो गया। बताया गया क‍ि यह प‍िछले युद्धों के दौरान बचा हुआ ब‍िना फटा हुआ बम था, जो अचानक फट गया।

अफगानिस्तान दुनिया के उन देशों में गिना जाता है, जहां बारूदी सुरंगों और बिना फटे गोला-बारूद की समस्या सबसे ज्यादा है।

पांच मई को भी अफगानिस्तान के परवान प्रांत में बिना फटे गोला-बारूद से हुए एक विस्फोट में एक युवक की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हो गए थे। स्थानीय मीडिया ने तालिबान पुलिस के बयान के हवाले से यह जानकारी दी थी।

स्थानीय तालिबान अधिकारियों के अनुसार, समाचार एजेंसी खामा प्रेस ने बताया क‍ि यह घटना बगराम जिले में हुई थी, जहां एक 20 वर्षीय युवक बिना फटे गोला-बारूद के एक टुकड़े को खोलने की कोशिश कर रहा था। विस्फोट में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दो लड़कियां और एक लड़का घायल हो गए, जिन्हें अस्पताल ले जाया गया।

तालिबान के आपदा प्रबंधन अधिकारियों की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक साल में अफगानिस्तान में बारूदी सुरंगों और बिना फटे गोला-बारूद से हुए विस्फोटों में कम से कम 96 लोगों की मौत हुई और 328 लोग घायल हुए।

खामा प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच ऐसे 225 हादसे दर्ज किए गए, जिनमें कुल 474 लोग प्रभावित हुए। इनमें 321 बच्चे और 153 वयस्क शामिल थे।

बिना फटा गोला-बारूद अफगानिस्तान में एक गंभीर मानवीय खतरा बना हुआ है, खासकर ग्रामीण इलाकों और उन क्षेत्रों में जो पहले संघर्ष का केंद्र रहे हैं। वहां युद्ध के अवशेष अब भी जमीन में दबे हुए हैं या अब तक खोजे नहीं जा सके हैं। हेरात, कुनार, फराह, नंगरहार और कंधार जैसे प्रांतों में ऐसे हादसों की संख्या सबसे अधिक दर्ज की गई है।

फरवरी में भी फराह प्रांत में एक घर के अंदर रखा बिना फटा गोला-बारूद फटने से दो लोगों की मौत हो गई थी। यह जानकारी प्रांतीय पुलिस कार्यालय ने एक बयान में दी थी।

यह घटना पुश्त-ए-कोह जिले में हुई थी। बताया गया कि घर में मौजूद बिना फटा गोला-बारूद किसी चीज़ से टकराने के बाद फट गया। बयान के अनुसार, दोनों लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

--आईएएनएस

एवाई/एएस