महाराष्ट्र: आकाश मोरे ने कांग्रेस, आरएसपी और वीबीए के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल किया
बारामती, 6 अप्रैल (आईएएनएस)। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव, अधिवक्ता आकाश मोरे ने आगामी बारामती विधानसभा उपचुनाव के लिए कांग्रेस, राष्ट्रीय समाज पक्ष (आरएसपी) और वंचित बहुजन अघाड़ी (वीबीए) के संयुक्त उम्मीदवार के रूप में सोमवार को आधिकारिक तौर पर अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।
उनका मुकाबला राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की अध्यक्ष और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार से है।
कांग्रेस पार्टी ने स्पष्ट किया कि यदि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) इस सीट से चुनाव नहीं लड़ती है, तो कांग्रेस मैदान में उतरेगी।
इस रणनीति का पालन करते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आरएसपी नेता और पूर्व मंत्री महादेव जानकर, साथ ही वीबीए नेता और पूर्व सांसद अधिवक्ता प्रकाश अंबेडकर के साथ व्यापक चर्चा की।
इस संवाद के परिणामस्वरूप एक संयुक्त मोर्चा बना, जिसमें राष्ट्रीय समाज पक्ष और वंचित बहुजन अघाड़ी ने कांग्रेस उम्मीदवार को अपना पूर्ण समर्थन दिया।
'लोकतंत्र की लड़ाई, संविधान का मार्ग' के नारे पर चुनाव लड़ रही कांग्रेस पार्टी ने आकाश मोरे पर अपनी उम्मीदें टिका रखी हैं।
कांग्रेस के अंदरूनी सूत्रों का दावा है कि त्रिपक्षीय गठबंधन के समर्थन से आकाश मोरे का बारामती से चुनाव में उतरना, इस बहुचर्चित निर्वाचन क्षेत्र में चुनावी समीकरणों को काफी हद तक बदल सकता है।
इससे पहले, आकाश मोरे ने कहा था कि वे अपनी उम्मीदवारी पर तभी पुनर्विचार करेंगे जब राज्य सरकार औपचारिक प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज करे और अजित पवार की मृत्यु का कारण बने विमान हादसे की गहन जांच करे।
आकाश मोरे ने कहा कि हम लोकतंत्र की रक्षा और भाजपा की विचारधारा का विरोध करने के लिए यह लड़ाई लड़ रहे हैं।
आकाश मोरे ने आगे कहा कि अजित पवार से जुड़ा हादसा महज एक संयोग नहीं था। सच्चाई तक पहुंचना जरूरी है। अगर सरकार एफआईआर दर्ज करती है और मामले की गंभीरता से जांच करती है, तभी मैं अपना नामांकन वापस लेने के बारे में सोचूंगा।
पेशे से वकील आकाश मोरे की राजनीतिक विरासत है; उनके पिता ने 2014 में अजित पवार के खिलाफ चुनाव लड़ा था।
--आईएएनएस
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