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छत्तीसगढ़ पुलिस में प्रशासनिक बदलाव, निवेदिता पाल जांजगीर-चांपा की प्रभारी एसपी बनीं

रायपुर, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ पुलिस में प्रशासनिक बदलाव किया गया है। निवेदिता पाल को जांजगीर-चांपा का प्रभारी एसपी बनाया गया है। यह फेरबदल पुलिस बल को मजबूत करने के उद्देश्य से किया गया है।
 
छत्तीसगढ़ पुलिस में प्रशासनिक बदलाव, निवेदिता पाल जांजगीर-चांपा की प्रभारी एसपी बनीं

रायपुर, 3 अप्रैल (आईएएनएस)। छत्तीसगढ़ पुलिस में प्रशासनिक बदलाव किया गया है। निवेदिता पाल को जांजगीर-चांपा का प्रभारी एसपी बनाया गया है। यह फेरबदल पुलिस बल को मजबूत करने के उद्देश्‍य से किया गया है।

छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग ने एक संशोधित आदेश जारी किया है, जिसके तहत जांजगीर-चांपा जिले की कमान 6वीं बटालियन की कमांडेंट निवेदिता पाल को सौंपी गई है।

उन्हें जिले का प्रभारी अधिकारी (प्रभारी एसपी) नियुक्त किया गया है। इस संशोधन से पिछले आदेश में बदलाव किया गया है, जिसमें जांजगीर-चांपा का अतिरिक्त प्रभार विमल कुमार बैस को सौंपा गया था।

यह नया निर्देश पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) द्वारा विभागीय आवश्यकताओं और प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने की जरूरत को ध्यान में रखते हुए जारी किया गया है। यह बदलाव इसलिए किया गया है क्योंकि जांजगीर-चांपा के नियमित पुलिस अधीक्षक (एसपी) विजय पांडे को हैदराबाद स्थित राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (एनपीए) में 45 दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए भेजा गया है।

प्रशिक्षण 6 अप्रैल से शुरू होकर 15 मई को समाप्त होगा। नियमित एसपी की अनुपस्थिति में कानून व्यवस्था सुचारू रूप से बनाए रखने के लिए राज्य ने चार जिलों में वैकल्पिक व्यवस्था की गई है।

मनीषा ठाकुर रावते को रायपुर ग्रामीण का प्रभार दिया गया है, त्रिलोक बंसल को कोंडागांव का प्रभारी एसपी नियुक्त किया गया है और नीरज चंद्राकर को गरियाबंद जिले की जिम्मेदारी मिली है।

छठी बटालियन की कमांडेट के रूप में कार्यरत अनुभवी आईपीएस अधिकारी निवेदिता पाल, संवेदनशील जांजगीर-चांपा जिले में व्यापक जमीनी और प्रशासनिक विशेषज्ञता लेकर आई हैं।

यह एक साथ किए गए बदलाव छत्तीसगढ़ पुलिस नेतृत्व के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रशिक्षण संबंधी आवश्यकताओं और जिला पुलिस प्रशासन के निर्बाध संचालन के बीच संतुलन बनाए रखने के सक्रिय दृष्टिकोण को दर्शाती है।

वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि प्रतिष्ठित एनपीए में विशेष प्रशिक्षण के लिए इस तरह के समय-समय पर होने वाली प्रतिनियुक्ति आधुनिक पुलिसिंग, साइबर अपराध, खुफिया जानकारी जुटाने और समुदाय-उन्मुख कानून प्रवर्तन में पुलिस नेतृत्व के कौशल को उन्नत करने के लिए आवश्यक है।

संशोधित आदेश से यह सुनिश्चित हो गया है कि प्रभावित जिलों में से किसी में भी नेतृत्व का अभाव न रहे। सभी नवनियुक्त अधिकारियों को तल्काल कार्यभार संभालने और प्रभावी पुलिसिंग के लिए जिला प्रशासन के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया गया है।

--आईएएनएस

एएसएच/एबीएम