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बिजली चोरी पर सख्ती से अदाणी इलेक्ट्रिसिटी को मिली बड़ी सफलता, एटीएंडसी लॉस में आई कमी

मुंबई, 14 जुलाई (आईएएनएस)। अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने बिजली चोरी के खिलाफ चलाए गए सघन अभियान के दम पर वित्त वर्ष 2025-26 में अपने एग्रीगेट टेक्निकल एंड कमर्शियल (एटीएंडसी) लॉस को घटाकर 4.46 प्रतिशत कर दिया है। पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 4.7 प्रतिशत था। कंपनी द्वारा मंगलवार को जारी एक बयान के मुताबिक, इस उपलब्धि के साथ वह देश के सबसे कम एटीएंडसी लॉस वाले बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) में शामिल हो गई है।
 

मुंबई, 14 जुलाई (आईएएनएस)। अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने बिजली चोरी के खिलाफ चलाए गए सघन अभियान के दम पर वित्त वर्ष 2025-26 में अपने एग्रीगेट टेक्निकल एंड कमर्शियल (एटीएंडसी) लॉस को घटाकर 4.46 प्रतिशत कर दिया है। पिछले वित्त वर्ष में यह आंकड़ा 4.7 प्रतिशत था। कंपनी द्वारा मंगलवार को जारी एक बयान के मुताबिक, इस उपलब्धि के साथ वह देश के सबसे कम एटीएंडसी लॉस वाले बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम) में शामिल हो गई है।

बयान में कहा गया है कि 0.24 प्रतिशत की कमी से ईमानदारी से बिजली बिल चुकाने वाले उपभोक्ताओं पर वित्तीय बोझ कम होगा और वितरण प्रणाली की कार्यक्षमता भी बेहतर होगी।

बिजली चोरी रोकने के लिए अदाणी इलेक्ट्रिसिटी ने वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 36,720 बड़े स्तर के छापे मारे और बिजली चोरी के आरोपियों के खिलाफ 486 एफआईआर दर्ज कराई।

कंपनी ने बताया कि इस दौरान सुबह तड़के, देर शाम और छुट्टियों में की गई विशेष छापेमारी में 40 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई, जिससे चोरी के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई संभव हो सकी।

अभियान के दौरान कुल 5,897 बिजली चोरी के मामले दर्ज किए गए। छापेमारी के दौरान 79.25 टन अवैध बिजली के तार और अन्य उपकरण जब्त किए गए।

जांच में करीब 1.98 करोड़ यूनिट (19.82 मिलियन यूनिट) बिजली चोरी का पता चला, जिसकी अनुमानित कीमत 43.39 करोड़ रुपए आंकी गई।

कंपनी की सतर्कता टीम ने 7 नवंबर 2025 को मलाड (पश्चिम) स्थित स्वास्तिक कंपाउंड, चिंचोली बंदर रोड पर मोल्डिंग गतिविधियों के लिए सीधे बिजली कनेक्शन का इस्तेमाल कर की जा रही 1.63 करोड़ रुपए की बिजली चोरी का खुलासा किया।

इसी तरह 4 जुलाई 2025 को गोरेगांव (पश्चिम) के मोतीलाल नगर में मोल्डिंग यूनिट में 80 लाख रुपए की बिजली चोरी पकड़ी गई।

इसके अलावा, जून 2025 में मलाड (पूर्व) में मोल्डिंग गतिविधि के लिए सीधे बिजली आपूर्ति का उपयोग कर 48.73 लाख रुपए की बिजली चोरी का मामला भी दर्ज किया गया।

कंपनी ने बताया कि बिजली चोरी गैर-जमानती अपराध है। बिजली अधिनियम, 2003 की धारा 135 के तहत दोषी साबित होने पर आरोपी को जुर्माना, तीन साल तक की जेल या दोनों सजा हो सकती है।

अदाणी इलेक्ट्रिसिटी पुलिस प्रशासन के साथ मिलकर नियमित रूप से संयुक्त अभियान चलाती है, जिसमें आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ बिजली चोरी में इस्तेमाल होने वाले उपकरण भी जब्त किए जाते हैं।

कंपनी के अनुसार, अधिक बिजली मांग वाले क्षेत्रों, खासकर झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में बिजली चोरी के कारण मौजूदा बिजली नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। जगह की कमी के कारण वहां नया नेटवर्क विकसित करना मुश्किल होता है, जिससे केबल और ट्रांसफॉर्मर बार-बार खराब होते हैं और रखरखाव की लागत बढ़ जाती है।

अदाणी इलेक्ट्रिसिटी के एक प्रवक्ता ने कहा, "बिजली चोरी का सबसे बड़ा नुकसान ईमानदारी से बिल चुकाने वाले उपभोक्ताओं को उठाना पड़ता है। अदाणी इलेक्ट्रिसिटी इस समस्या को पूरी तरह खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। हम इस वर्ष भी विशेष क्षेत्रों में अभियान और तेज करेंगे, ताकि एटीएंडसी लॉस को और कम किया जा सके।"

उन्होंने कहा कि बिजली चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई से न केवल कंपनी के बिजली नेटवर्क की सुरक्षा होती है, बल्कि प्रतिस्पर्धी दरों पर बिजली उपलब्ध कराने में भी मदद मिलती है, जिससे उपभोक्ताओं का आर्थिक बोझ कम होता है।

--आईएएनएस

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